- अप्रैल के अंत तक देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, अभी और बढ़ेगी गर्मी
- IMD के अनुसार 18 शहरों में तापमान 43 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया है, झारसुगुड़ा में सबसे अधिक 44.6 डिग्री
- दिल्ली‑एनसीआर में तापमान सामान्य से लगभग तीन डिग्री अधिक दर्ज हुआ है, जिससे लू के हालात बढ़ने का खतरा है
मई का महीना अभी शुरू भी नहीं हुआ और गर्मी ने कहर दिखा दिया है, आलम ये है कि देश के ज्यादातर हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में आ चुके हैं. मौसम का ये मिजाज अब सिर्फ भविष्य की चिंता नहीं, बल्कि वर्तमान की सख्त हकीकत बनता जा रहा है. मौसम के बदलते रुख की आहट इस बार सामान्य से कहीं पहले सुनाई देने लगी है. हालात ऐसे हैं कि अप्रैल खत्म भी नहीं हुआ और पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है और आने वाले महीनों मई और जून के लिए भारत मौसम विभाग ने रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की आशंका जता दी है.
18 शहरों में पारा 43 डिग्री के पार
भारत मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को देश के 18 शहरों में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया. इनमें सबसे अधिक तापमान ओडिशा के झारसुगुड़ा में 44.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि महाराष्ट्र का वर्धा 44.2 डिग्री तापमान के साथ दूसरे स्थान पर रहा. बढ़ते तापमान के यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि अत्यधिक गर्मी अब महज कोई अपवाद नहीं, बल्कि एक लंबा सिलसिला बन चुकी है.

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दिल्ली और आसपास के इलाके भी झुलसे
दिल्ली‑एनसीआर में भी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है. भारत मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में दिल्ली के रिज इलाके में अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक है. राजधानी के अन्य इलाकों में तापमान 40.2 से 41.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो औसतन सामान्य से करीब 3 डिग्री ज्यादा है. यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि राष्ट्रीय राजधानी भी लू जैसे हालात की ओर बढ़ रही है.
कई राज्यों में सामान्य से काफी अधिक तापमान
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जम्मू‑कश्मीर के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक रहा. महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में तापमान 40 से 44 डिग्री के बीच दर्ज किया गया. वहीं मराठवाड़ा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा‑चंडीगढ़‑दिल्ली, ओडिशा, तेलंगाना, केरल, बिहार के पश्चिमी हिस्सों, पंजाब, रायलसीमा, झारखंड और गुजरात में अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के दायरे में बना रहा. केवल पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर‑पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में ही तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया.

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8 राज्यों में 23‑24 अप्रैल को लू की चेतावनी
मौसम विभाग ने उत्तर‑पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों और मध्य भारत में अगले 4–5 दिनों, वही पूर्वी भारत में अगले 2–3 दिनों के दौरान लू चलने की चेतावनी जारी की है. खासकर 23 और 24 अप्रैल को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और केरल के कुछ इलाकों में लू चलने की प्रबल संभावना जताई गई है. इसके अलावा, 24 से 27 अप्रैल तक पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में, 23 से 29 अप्रैल तक राजस्थान में, 23 से 27 अप्रैल तक मध्य प्रदेश में, 23 अप्रैल को गंगा के मैदानी पश्चिमी बंगाल में और 23 से 25 अप्रैल तक बिहार में लू चलने का पूर्वानुमान है।
मई‑जून में गर्मी का संकट और गहराने की आशंका
मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल मई और जून महीनों में रिकॉर्ड गर्मी पड़ने की आशंका जताई जा रही है. सामान्य तौर पर इन दो महीनों में हर महीने 3 से 7 हीट वेव डे रिकॉर्ड किए जाते हैं, लेकिन इस बार मौसम विभाग का अनुमान है कि हीट वेव वाले दिनों की संख्या औसत से 5 से 7 दिन अधिक हो सकती है. मौजूदा हालात इस ओर साफ इशारा कर रहे हैं कि आने वाला समय और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है. अप्रैल में ही दिख रही यह तीव्र गर्मी मई‑जून के संकट की सिर्फ शुरुआत मानी जा रही है. जलवायु परिवर्तन की छाया में देश एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां अत्यधिक गर्मी अब असामान्य नहीं, बल्कि सामान्य स्थिति बनती जा रही है.
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