दिल्ली एनसीआर की आबादी अगले 15 सालों में दोगुनी होकर 15 करोड़ होने का अनुमान है. एनसीआर के करीबी शहरों आगरा, अलीगढ़, हाथरस में नए शहर या टाउनशिप बनाई जा रही हैं, जो हाईटेक सुविधाओं से लैस होंगी. नोएडा एयरपोर्ट के साथ, नमो भारत ट्रेन रैपिड रेल और बुलेट ट्रेन जैसी परियोजनाओं का लाभ भी मिलेगा. उत्तर प्रदेश सरकार और यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी (YEIDA) दिल्ली एनसीआर के नजदीक हाथरस अर्बन सेंटर (New Hathras) नाम से नई टाउनशिप बसा रहा है.यमुना एक्सप्रेसवे के फेज-2 के तहत एनसीआर मास्टर प्लान 2041 के तहत नोएडा, गुरुग्राम की तर्ज पर हाईटेक और आवासीय सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएगी.
एनसीआर का मास्टर प्लान 2041
हाथरस जिले के करीब 358 गांवों को मिलाकर करीब 10 हजार एकड़ भूमि पर नया शहर बनाया जाएगा. पहले चरण में 2 से 4 हजार हेक्टेयर में टाउनशिप बनेगी.यीडा (YEIDA) ने जीआईएस (GIS) मास्टर प्लान के लिए कंसल्टेंट कंपनी को जिम्मेदारी दी है, जो अगले साल में हाथरस, मथुरा, अलीगढ़ के आसपास बढ़ती आबादी और उद्योगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अपनी रिपोर्ट देगी.
आगरा, अलीगढ़ के बीच सैटेलाइट टाउन
आगरा और अलीगढ़ पर आबादी के बोझ को देखते हुए इसे दोनों शहरों के बीच सैटेलाइट टाउन के तौर पर बनाया जा रहा है. इससे उन शहरों पर आबादी और इंफ्रास्ट्रक्चर का दबाव कम होगा. यमुना प्राधिकरण (YEIDA) ने इस अर्बन सेंटर के लिए सर्वे रिपोर्ट तैयार करा रही है. भूमि अधिग्रहण को कई चरणों में पूरा किया जाएगा.
हाथरस से नोएडा, अलीगढ़, आगरा और दिल्ली की दूरी
- अलीगढ़: 35 से 40 किमी, आगरा-अलीगढ़ हाईवे से कनेक्ट, 40 से 50 मिनट
- आगरा: 50 से 55 किमी, सादाबाद मार्ग, 1 घंटा से 1.15 घंटे
- नोएडा, ग्रेटर नोएडा: 110 से 120 किमी, यमुना एक्सप्रेसवे, 1.5 से 2 घंटे
- दिल्ली: 140 से 160 किमी, यमुना एक्सप्रेसवे या NH-91, 2.5 से 3 घंटे
नोएडा एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी
हाथरस अर्बन सेंटर यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बनेगा, दिल्ली-एनसीआर और आगरा से इसकी दूरी बेहद कम है.ये नया शहर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के नजदीकी इलाके में आता है. एयरपोर्ट तक तेज कनेक्टिविटी के लिए यीडा एक्सप्रेस रोड भी तैयार कर रहा है. हाथरस जंक्शन दो बड़ी रेलवे लाइनों के ज्वाइंट पर है, जहां से माल ढुलाई आसान होगी.
यीडा मास्टर प्लान 2041: हाथरस अर्बन सेंटर 4 जोन में बनेगा
- इंडस्ट्रियल जोन में भारी और मीडियम साइज की मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए विशेष क्लस्टर होंगे
- आवासीय परियोजना में रेजिडेंशियल सोसायटी, सस्ते घर, पार्क, स्कूल और अस्पताल बनेंगे
- कमर्शियल हब में बड़े मॉल, होटल्स, कमर्शियल टावर और विशाल वेयरहाउस बनाए जाएंगे
- पर्यावरण संतुलन के लिए 15 प्रतिशत एरिया पार्क, ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित होगा
- हाथरस में अभी 10 हजार लघु इकाइयां सक्रिय और पंजीकृत

Hathras Urban Centre YEIDA master plan
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हाथरस के करीब हाईवे-एक्सप्रेसवे
हाथरस अर्बन सेंटर यमुना एक्सप्रेसवे पर होने से ग्रेटर नोएडा, दिल्ली और दूसरी ओर आगरा से जुड़ता है. गंगा एक्सप्रेसवे से भी इसे लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी है.आगरा से अलीगढ़ को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 509 (NH-509, NH-93) हाथरस से जाता है. दिल्ली-कोलकाता को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 19 (NH-19, NH-2) मथुरा और आगरा से गुजरने के साथ हाथरस के करीब है. मथुरा-हाथरस-बरेली हाईवे शहर को सीधे मथुरा और दूसरी तरफ रुहेलखंड बरेली से जुड़ता है. हाथरस के पास से ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर के कनेक्टिंग लूप से गुजरते हैं.
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रेल कनेक्टिविटी, नोएडा एयरपोर्ट से नजदीक
हाथरस जंक्शन के पास से वेस्टर्न और ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का नेटवर्क भी गुजरता है. हाथरस अर्बन सेंटर में शहर और आसपास के उत्पाद न केवल नोएडा एयरपोर्ट से विदेश में भेजा जा सकेगा, बल्कि मालगाड़ी से विशेष ट्रैक से देश के बड़े बंदरगाहों तक भी बेहद तेजी से पहुंचेगा. हाथरस हावड़ा-दिल्ली, कानपुर-दिल्ली मुख्य लाइन पर स्थित है, जो देश की सबसे व्यस्त रेलवे लाइनों में से एक है.दिल्ली, कानपुर, प्रयागराज और कोलकाता से ये कनेक्ट होती है. मथुरा-कासगंज-बरेली लाइन पूर्वोत्तर रेलवे से जुड़ती है, जो हाथरस हाथरस रोड रेलवे स्टेशन पर दिल्ली-कानपुर मेन लाइन से क्रॉस होती है.
हाथरस हींग के लिए मशहूर
उत्तर प्रदेश में एक जिला-एक उत्पाद के तहत हाथरस की मशहूर हींग, कपड़ा, कांच के मोती, गुलाल और एंकलेट उद्योग को पैकेजिंग, रिसर्च और एक्सपोर्ट हब की सुविधाएं यहां विकसित की जाएंगी. ब्रज क्षेत्र में दूध, दही, घी समेत डेयरी प्रोडेक्ट्स की वैल्यू देखते हुए एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग, डेयरी उत्पाद की इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा. रेडीमेड गारमेंट, मशीन टूल्स, इलेक्ट्रिकल उपकरण और मेडिकल उपकरण कंपनियों को निवेश का न्योता दिया जाएगा.औद्योगिक विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स हब से लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे.
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