भारत सरकार ने बताया है कि बाजार में पाकिस्तान की फेयरनेस क्रीम बिक रही है. सरकार ने आगाह किया है कि ऐसे क्रीम का इस्तेमाल कोई न करें. इसके साथ ही ये भी बताया गया है कि नागपुर में इस क्रीम के इस्तेमाल के बाद लोगों की किडनी की समस्या हुई है. भारत ने इन क्रीम को लेकर कहा है इसे पड़ोसी देश पाकिस्तान से तस्करी कर लाया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी कहा है कि पाकिस्तान की ओर से इन क्रीमों को भारत के बाजारों में अवैध तरीके से भेजा जा रहा है.
इसके साथ ही कुछ सवाल हैं जो उठ रहे हैं. अव्वल को ये क्रीम भारत के बाजार में कैसे दाखिल हुए. दूसरा क्या मेड इन पाकिस्तान इन क्रीम्स कंपनियों के पास भारत में निर्यात करने का लाइसेंस है.

CDSCO ने जारी किया पब्लिक नोटिस
सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) की कॉस्मेटिक डिवीजन ने इस बाबत पब्लिक नोटिस भी जारी किया है. नोटिस में लिखा है, "कस्टमर्स जो कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करते हैं, वे आम लोगों के लिए सेफ होने चाहिए. उनकी मैन्युफैक्चरिंग और इम्पोर्ट ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और कॉस्मेटिक्स रूल्स, 2020 के तहत रेगुलेट होते हैं."
नोटिस में आगे लिखा, CDSCO ने टेस्ट और एनालिसिस से वेरिफाई किया है कि गोरे क्रीम और चांदनी क्रीम (पाकिस्तान में बने) कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स अनऑथराइज़्ड हैं और उन्हें भारत में बिक्री के लिए इम्पोर्ट के लिए कम्पेटेंट अथॉरिटी से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है.ये कॉस्मेटिक्स प्रोडक्ट्स न खरीदें. अगर ऐसे और मिलते-जुलते नाम वाले कॉस्मेटिक प्रोडक्ट खरीदे हैं तो उनका इस्तेमाल न करें."
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