गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे (Gorakhpur–Siliguri Expressway) भारतमाला परियोजना का 4 लेन (6 लेन तक विस्तार) का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है. ये एक्सप्रेसवे दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश को बिहार, बंगाल से पूर्वोत्तर राज्यों तक सीधे जोड़ेगा. यूपी के गोरखपुर जिले में जगदीशपुर से शुरू होकर पश्चिम बंगाल के बागडोगरा,सिलीगुड़ी तक ये एक्सप्रेसवे जाएगा. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस 37500 करोड़ रुपये का एक्सप्रेसवे बना रहा है. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, कुशीनगर, बिहार के चंपारण, किशनगंज, अररिया के गांवों में भूमि चिह्नित कर मुआवजा बांटने और अधिग्रहण की तैयारी अंतिम चरणों में है.NHAI के सिविल कंस्ट्रक्शन पैकेज के लिए टेंडर चल रहे हैं. इस ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट निर्माण का लक्ष्य है.
पांच राज्यों को जोड़ेगा ये एक्सप्रेसवे
- 519.58 किलोमीटर लंबाई
- 4 लेन एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
- 120 किमी प्रति घंटा डिजाइन स्पीड
- 84.3 किमी उत्तर प्रदेश में
- 416 किमी हिस्सा बिहार में
- 19 किमी हिस्सा बंगाल में
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे का रूट
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के रूट की बात करें तो उत्तर प्रदेश में 84.3 किमी इलाका आएगा. यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर में जगदीशपुर रिंग रोड (NH 27) से चालू होगा. कुशीनगर के तमकुहीराज होते हुए बिहार सीमा में पहुंचेगा. यह देवरिया जिले को बाईपास करते हुए सीधे कुशीनगर की ओर बढ़ेगा. 416 किमी के साथ एक्सप्रेसवे का 80 फीसदी रूट बिहार में पड़ेगा. बिहार में पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), पश्चिमी चंपारण (बेतिया), शिवहर, सीतामढ़ी, अररिया, मधुबनी, सुपौल और किशनगंज से गुजरेगा. 19 किमी का रूट पश्चिम बंगाल में होगा. बिहार के किशनगंज जिले से ये उत्तरी दिनाजपुर होते हुए बंगाल के दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी में NH 27 पर खत्म होगा.
दिल्ली से 5 एक्सप्रेसवे का नेटवर्क बनेगा
दिल्ली से NH-27 के जरिये सिलीगुड़ी की दूरी अभी 1450-1500 किलोमीटर है, जिसमें ट्रैफिक के कारण 24 से 28 घंटे तक का वक्त लग जाता है. गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे बनने से दिल्ली से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे होते हुए गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को पकड़ सकेंगे. इससे दिल्ली से सिलीगुड़ी की दूरी 200 किमी तक घट जाएगी.100–120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा 15-16 घंटे में पूरी होगी. 8 से 10 घंटे का समय बचेगा.गोरखपुर से सिलीगुड़ी की दूरी 640 से घटकर 520 किमी होगी और 6 गंटे में ये दूरी पूरी हो सकेगी.
पूर्वोत्तर भारत तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे देश के उत्तर भारत को पूर्वोत्तर राज्यों में असम, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा जैसे राज्यों से जोड़ेगा. ये एक्सप्रेसवे उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के बीच लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई को रफ्तार देगा.ये एक्सप्रेसवे भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के समानांतर आगे बढ़ेगा. इससे नेपाल से बिहार, यूपी का व्यापार आसान होगा. मोतिहारी, बेतिया, सुपौल और अररिया को भी हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी.एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स पार्क और कृषि प्रसंस्करण केंद्र बनाने की योजना है.
गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की DPR
गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे की DPR तैयार हो चुकी है.एक्सप्रेसवे के अलग-अलग पैकेज में भूमि अधिग्रहण, टेंडर, पर्यावरण मंजूरी की कार्यवाही हो रही है. इसे भारतमाला परियोजना के दूसरे चरण में मंजूरी दी गई है.यह एक्सप्रेसवे पुराने NH-27 का एक्सटेंशन नहीं है.एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होने से बाइक या तिपहिया वाहन इस पर नहीं चढ़ सकेंगे.गाड़ियां 100-120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे.
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कब होगा
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे आगे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के जरिये पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway)से जुड़ेगा. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से ये आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और दिल्ली एनसीआर के यमुना एक्सप्रेसवे यानी नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा. इससे दिल्ली से सीधे सिलीगुड़ी तक सीधा ट्रैफिक मिलेगा. गोरखपुर-शामली, बरेली एक्सप्रेसवे के जरिये वेस्ट यूपी को पूर्वी यूपी से जोड़ेगा.
गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
ये गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और बरेली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे से भी जुड़ जाएगा. इससे पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सीधे सिलीगुड़ी तक हाईस्पीड एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होगा.गोरखपुर रिंग रोड के पास यह NH-27 ईस्ट-वेस्ट फ्रेड कॉरिडोर से जुड़ेगा. पूर्व से पश्चिम भारत को लिंक करने वाला मेन हाईवे बनेगा. ये एक्सप्रेसवे अगले साल कई चरणों में खोला जा सकता है.
𝐆𝐨𝐫𝐚𝐤𝐡𝐩𝐮𝐫-𝐒𝐢𝐥𝐢𝐠𝐮𝐫𝐢 𝐄𝐱𝐩𝐫𝐞𝐬𝐬𝐰𝐚𝐲 𝐮𝐩𝐝𝐚𝐭𝐞.
— Infra News India (INI) (@TheINIofficial) April 19, 2026
NHAI has applied for revised forest clearance for Bihar section of the upcoming 525 km greenfield access-controlled Gorakhpur-Siliguri Expressway.
Once ready, this project will reduce the travel time from… pic.twitter.com/R61tYwO8YV
बिहार से भी इंटरकनेक्टिविटी
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे बिहार के रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे (Raxaul–Haldia Expressway) से भी जुड़ेगा. बिहार के मुजफ्फरपुर, दरभंगा जोन के करीब रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से लिंक होगा.नेपाल बॉर्डर रक्सौल से लेकर बंगाल के हल्दिया पोर्ट तक माल ढुलाई तेज होगी.आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे बिहार का पहला नार्थ-साउथ एक्सप्रेसवे है, जो औरंगाबाद के आमस इलाके से पटना गुजरते हुए दरभंगा तक जाएगा.दरभंगा, मधुबनी के पास गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से लिंक होगा.बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे बक्सर-भागलपुर कॉरिडोर से भी इनडायरेक्टली कनेक्ट होगा.
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बंगाल और नॉर्थ-ईस्ट से लिंक
ये एक्सप्रेसवे सिलीगुड़ी-गुवाहाटी एक्सप्रेसवे (Siliguri–Guwahati Expressway) से भी जुड़ जाएगा. यानी दिल्ली, लखनऊ से कोई भी कार सीधे गुवाहाटी तक बिना रुकावट के जा सकेगा.सिलीगुड़ी में यह बागडोगरा और NH-27 के मुख्य जंक्शन से जुड़ेगा, जो सिक्किम,दार्जिलिंग और असम की ओर जाएगा. दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन शुरू होने तक यह रोड से सुपरफास्ट स्पीड का नेटवर्क देगी.
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