सिकंदराबाद स्थित 20 मद्रास रेजिमेंट के शस्त्रागार (आर्मरी) से हथियार और गोला-बारूद चोरी होने के मामले का खुलासा हो गया है. जांच में आर्मी के एक पूर्व हवलदार को आरोपी बताया गया है. पुलिस और सैन्य अधिकारियों ने चोरी हुए हथियार और गोला-बारूद भी बरामद कर लिए हैं.
पूर्व हवलदार पर आरोप
आरोपी की पहचान उप्पुथोला मल्लेश उर्फ मलेश या राजू (37) के रूप में हुई है. वह भारतीय सेना की 20वीं बटालियन, मद्रास रेजिमेंट में करीब 16 साल तक हवलदार के पद पर तैनात रहा था. उसने 2010 में सेना जॉइन की थी. बताया गया है कि अनुशासनहीनता और स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते उसे 30 जून 2026 को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था.
वारदात को कैसे दिया अंजाम?
जांच के मुताबिक आरोपी कथित तौर पर सिकंदराबाद कैंट के कारगिल गेट के रास्ते परिसर में दाखिल हुआ और शस्त्रागार से हथियार और गोला-बारूद चुरा लिया. इसके बाद उसने चोरी का सामान पहले दोपहिया वाहन और फिर कार के जरिए तेलंगाना के नागरकुरनूल इलाके तक पहुंचाया.
बरामद हुए हथियार
जांच एजेंसियों ने आरोपी तक पहुंचने के बाद नागरकुरनूल से चोरी किए गए हथियार और गोला-बारूद बरामद कर लिए. मामले में यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने यह कदम अकेले उठाया था या उसके साथ और लोग भी शामिल थे.
क्यों अहम है मामला?
यह मामला इसलिए गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसमें सेना के सुरक्षित सैन्य परिसर और शस्त्रागार से हथियार चोरी होने का आरोप है. साथ ही आरोपी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि उसी यूनिट में वर्षों तक सेवा दे चुका पूर्व सैनिक बताया जा रहा है. इसी वजह से सुरक्षा व्यवस्था और अंदरूनी जानकारी के संभावित इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
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