- गाजियाबाद के इंदिरापुरम में लगी आग से कई फ्लैट जलकर राख हो गए जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ
- होम या फायर इंश्योरेंस घर और सामान के नुकसान की भरपाई के लिए आवश्यक होता है, बिना पॉलिसी क्लेम संभव नहीं होता
- बिल्डर की जिम्मेदारी आग लगने के बाद सीमित होती है, केवल लापरवाही साबित होने पर मुआवजा मिलता है
गाजियाबाद के इंदिरापुरम की एक एक हाईराइज सोसायटी में बुधवार को लगी भीषण आग में कई फ्लैट जलकर राख हो गए. गनीमत ये रही कि जान का नुकसान नहीं हुआ. लेकिन कई परिवारों को भारी नुकसान हुआ है. उनके घरों का सामान पूरी तरह जल चुका है. ऐसे में लोग पूछ रहे हैं कि आगे क्या होगा. सवाल यह है कि इस नुकसान की भरपाई फ्लैट मालिकों को आखिर कौन करेगा? इंश्योरेंस से लेकर बिल्डरों और सरकार तक, फ्लैट मालिकों के लिए मौजूद वित्तीय सुरक्षा उपायों को समझना जरूरी है.
VIDEO | Ghaziabad: Massive fire breaks out in Green Avenue Society flat, Indirapuram. Fire tenders rush to the spot.#Fire
— Press Trust of India (@PTI_News) April 29, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/1Iueiz0kuR
होम इंश्योरेंस: सुरक्षा की पहली ढाल
होम या फायर इंश्योरेंस ऐसी घटनाओं के बाद मुआवज़ा पाने का मुख्य ज़रिया है. होम इंश्योरेंस में आमतौर पर घर के इंफ्रास्ट्रक्चर, अंदर रखे सामान, जैसे फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घरेलू उपकरण और यहां तक कि कीमती सामान (पॉलिसी के अनुसार) को हुए नुकसान को कवर किया जाता है.
फायर इंश्योरेंस भी कवरेज का हिस्सा है जो कि आग से संपत्ति को हुए नुकसान की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए मुआवज़ा देता है.
क्या आपके पास इंश्योरेंस पॉलिसr है?
ये जानना जरूरी है कि ये इंश्योरेंस क्लेम अपने आप नहीं मिलता. इसके लिए फ्लैट में रहने वालों के पास एक एक्टिव पॉलिसी होनी जरूरी है. पॉलिसी होल्डर नुकसान का क्लेम बीमा कंपनी के पास करते हैं. क्लेम के लिए आमतौर पर पुलिस एफआईआर, नुकसान का अनुमान, रसीदें और अन्य दस्तावेज़ों की जरूरत होती है. बिना इंश्योरेंस भुगतान की कोई गारंटी नहीं है.
विभावंगल अनुकूलकारा प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ मौर्य के मुताबिक, "घर में आग लगना एक बड़ा झटका होता है. अगर इसे लेकर आपके पास उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं है तो मुआवज़ा मिलने क कोई गारंटी नहीं है. बीमा सुरक्षा कवच का काम करता है."
बिल्डर और सोसायटी: लिमिटेड मुआवज़ा
- कई फ्लैट मालिकों को लगता है कि आग लगने से हुए नुकसान के लिए बिल्डर या अपार्टमेंट सोसायटी मुआवज़ा देगी. लेकिन यह बहुत ही सीमित होता है.
- बिल्डर की ज़िम्मेदारी: आम तौर पर, फ्लैट का पजेशन देने के बाद नुकसान के लिए बिल्डर बहुत कम जिम्मेदार होते हैं. ऐसा कोई ऑटोमैटिक राइड नहीं है कि आग लगने की सूरत में बिल्डर से मुआवज़ा पाया जा सके, जब तक कि लापरवाही साबित न हो जाए या विशिष्ट बीमा दायित्वों का पालन न किया गया हो.
- रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (आरईआरए) अधिनियम के तहत, डेवलपर्स को इंफ्रास्ट्रक्चर जोखिमों को कवर करने वाली बिल्डिंग पॉलिसी पॉलिसी लेनी और सौंपनी जरूरी है. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो बाद में वे मरम्मत लागत के लिए जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं.
गोयल गंगा डेवलपमेंट्स के डायरेक्टर, अनुराग गोयल ने कहा, "कई हाउसिंग सोसाइटियों में, सैटेलमेंट अमाउंट का निर्धारण सिर्फ बिल्डर और सोसाइटी मिलकर नहीं करते. अगर आपके फ्लैट में आग लग जाती है, तो आपके पास मुख्य सहारा आपका होम इंश्योरेंस होगा. सोसाइटी का बीमा आमतौर पर सिर्फ साझा क्षेत्रों और बुनियादी ढांचे को ही कवर करता है."
अपार्टमेंट मालिकों के एसोसिएशन के पास अक्सर साझा क्षेत्रों के लिए बीमा पॉलिसियां होती हैं, लेकिन ये आमतौर पर व्यक्तिगत फ्लैटों या उनमें मौजूद सामान को कवर नहीं करतीं.
लापरवाही और कानूनी उपाय
- जब आग से होने वाला नुकसान एक फ्लैट से दूसरे फ्लैट में फैलता है, तो कानूनी मुद्दे सामने आ सकते हैं.
- अगर आग आपके पड़ोसी की लापरवाही की वजह से लगती है, जैसे कि खराब वायरिंग या बिना निगरानी के छोड़े गए उपकरण की वजह से तो उस व्यक्ति की भरपाई में बीमा कंपनी मदद करती है.
- अगर बिल्डिंग की सुरक्षा में चूक हुई है, तो निवासी अग्निरोधक बुनियादी ढांचे के रखरखाव में विफल रहने के लिए RWA (निवासी कल्याण संघ) या डेवलपर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं.
आरपीएस ग्रुप के डायरेक्टर, अमन गुप्ता का कहना है कि अगर लापरवाही या सुरक्षा चूक की वजह से आग फैलती है, तो निवासी कानूनी उपाय कर सकते हैं. वे स्ट्रक्चरल सुरक्षा में चूक होने पर RWA या डेवलपर पर मुकदमा भी कर सकते हैं." हालांकि, मुकदमेबाजी अक्सर लंबी और खर्चीली होती है, और मुआवजे मिलेगा या नहीं ये भी फिक्स नहीं होता.
सरकारी मुआवज़ा? घरों के लिए आमतौर पर नहीं
सरकार सड़क दुर्घटना, भूकंप जैसी बड़ी आपदाओं के बाद राहत के लिए मुआवजा देती है. लेकिन घर की आग से हुए नुकसान के लिए सरकार के पास कोई मुआवज़ा योजना नहीं है. ज्यादातर केंद्रीय या राज्य योजनाएं सिर्फ विशिष्ट आपदा श्रेणियों में ही राहत देती हैं, न कि बिल्डिंग में आग से हुए नुकसान के लिए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं