नई दिल्ली:
- प्रमुख नीतिगत दर को छह प्रतिशत पर यथावत रखा गया है.
- रिवर्स रेपो दर में कोई बदलाव नहीं. इसको 5.75 फीसदी पर रखा गया है.
- 2017-18 के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 7.3 प्रतिशत से घटकर 6.7 प्रतिशत किया.
- दूसरी छमाही में मुद्रास्फीति 4.2 से 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान.
- जीएसटी लागू होने की वजह से लघु अवधि में विनिर्माण क्षेत्र की संभावनाएं अनिश्चित.
- मुख्य मुद्रास्फीति को टिकाऊ आधार पर चार प्रतिशत के करीब रखने का लक्ष्य.
- केंद्रीय बैक बैंकों के बही खाते से कंपनियों की दबाव वाली संपत्तियों के हल के लिए काम करेगा.
- हालिया संरचनात्मक सुधारों से कारोबारी धारणा, पारदर्शिता और अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाने को लेकर स्थिति सुधरी.
- केंद्रीय बैंक ने ठहरी निवेश परियोजनाओं को शुरू करने, कारोबार सुगमता में सुधार और जीएसटी सरलीकरण के लिये समन्वित कोशिशों को बल देने की चर्चा.
- राज्यों द्वारा वसूले जाने वाले काफी ऊंचे स्टाम्प शुल्क की दरों को तर्कसंगत बनाने का सुझाव. सस्ते आवास कार्यक्रमों को तेजी से आगे बढ़ाने पर बल.
- मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 5-6 दिसंबर को.
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