फाइल फोटो
नई दिल्ली:
2जी घोटाले से जुड़े एयरसेल मैक्सिस केस में सुप्रीम कोर्ट ईडी अफसर राजेश्वर सिंह पर दो बजे आदेश जारी करेगा. सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि राजेश्वर सिंह मामले की जांच जारी रखेंगे या नहीं और राजेश्वर सिंह के खिलाफ आरोपों की जांच कराई जाए या नहीं. कोर्ट ने कहा कि हमारी राय में जब किसी अफसर के खिलाफ संदेह के बादल हो तो उसे जांच नहीं करनी चाहिए. जब मामला गंभीर हो तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी को कहा कि वो याचिकाकर्ता रजनीश कपूर को इसकी जानकारी दें. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में रजनीश बुधवार कोर्ट में अपना पक्ष रखें. इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि क्या वो ईडी अफसर राजेश्वर सिंह का समर्थन करते हैं. केंद्र ने कहा कि वो किसी का समर्थन नहीं करती वो अपना पक्ष रखेंगे.
केंद्र सरकार ने 2 जी मामले की जांच कर रहे अधिकारी राजेश्वर सिंह को लेकर अपनी सील बंद रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी है. रिपोर्ट को देखने के बाद कोर्ट ने कहा कि ये बेहद संवेदनशील मामला है न सिर्फ संवेदनशील बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला भी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम अपनी आंखों को बंद नहीं कर सकते. सरकार के हाथ बांध नहीं सकते. कोर्ट ने कहा कि हमारा निर्देश था था इस मामले की जांच 6 महीने के भीतर पूरी की जाए. सुप्रीम कोर्ट ने राजेश्वर सिंह को कहा कि आपके खिलाफ बेहद गंभीर आरोप है. भले ही आपको सुप्रीम कोर्ट ने या सरकार ने नियुक्त किया हो लेकिन इस धरती और जो भी है उसकी जवाबदेही होती है. अगर आपके खिलाफ संदेह के बादल उठते हैं तो आपको भी जांच का सामना करना होगा.
किसी भी व्यक्ति को इस तरह पूरी तरह से सरंक्षण नहीं दिया जा सकता. वहीं याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि अफसर के खिलाफ बहुत सारे आरोप हैं और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इनकी जांच होनी चाहिए. सरकार इनकी जांच नहीं कर सकती क्योंकि 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि अफसर के खिलाफ आरोपों पर कोई जांच नहीं होगी. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी को कहा कि वो याचिकाकर्ता रजनीश कपूर को इसकी जानकारी दें. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में रजनीश बुधवार कोर्ट में अपना पक्ष रखें. वहां सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि क्या वो ईडी अफसर राजेश्वर सिंह का समर्थन करते हैं. केंद्र ने कहा कि वो किसी का समर्थन नहीं करती वो अपना पक्ष रखेंगे. एयरसेल मैक्सिस मामले में सुप्रीम कोर्ट सुब्रमण्यम स्वामी और ईडी अफसर राजेश्वर सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रहा है.
याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 6 महीने में जांच पूरी करने के आदेश दिए थे लेकिन कुछ लोग जांच अफसरों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के झूठे आरोप लगाकर जांच को रोक रहे हैं. इस मामले में पी चिदंबरम और कार्ति पर भी आरोप हैं.
5 जून को जस्टिस ए के गोयल और अशोक भूषण ने सिंह के खिलाफ रजनीश कपूर द्वारा दायर याचिका में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह की सहायता मांगी थी. राजेश्वर सिंह ने याचिकाकर्ता के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है. ईडी अधिकारी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस मामले में चार्ज शीट दायर की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि आय से अधिक संपत्ति के मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले ही मंजूरी दे दी गई थी और वह याचिकाकर्ता के खिलाफ अवमानना कार्रवाई चाहते हैं. दरअसल, एयरसेल-मैक्सिस मामले 2006 में एयरसेल में निवेश के लिए ग्लोबल कम्युनिकेशन होल्डिंग सर्विसेज लिमिटेड को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड द्वारा मंजूरी देने के लिए संबंधित है. पी चिदंबरम उस वक्त वित्त मंत्री थे और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम पर मंजूरी के बदले में रिश्वत का आरोप है.
अदालत ने पी चिदंबरम को 10 जुलाई तक मामले में गिरफ्तारी से संरक्षण दिया है। अधिकारी राजेश्वर सिंह एयरसेल-मैक्सिस मामले की जांच कर रहे हैं.
केंद्र सरकार ने 2 जी मामले की जांच कर रहे अधिकारी राजेश्वर सिंह को लेकर अपनी सील बंद रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी है. रिपोर्ट को देखने के बाद कोर्ट ने कहा कि ये बेहद संवेदनशील मामला है न सिर्फ संवेदनशील बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला भी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम अपनी आंखों को बंद नहीं कर सकते. सरकार के हाथ बांध नहीं सकते. कोर्ट ने कहा कि हमारा निर्देश था था इस मामले की जांच 6 महीने के भीतर पूरी की जाए. सुप्रीम कोर्ट ने राजेश्वर सिंह को कहा कि आपके खिलाफ बेहद गंभीर आरोप है. भले ही आपको सुप्रीम कोर्ट ने या सरकार ने नियुक्त किया हो लेकिन इस धरती और जो भी है उसकी जवाबदेही होती है. अगर आपके खिलाफ संदेह के बादल उठते हैं तो आपको भी जांच का सामना करना होगा.
किसी भी व्यक्ति को इस तरह पूरी तरह से सरंक्षण नहीं दिया जा सकता. वहीं याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि अफसर के खिलाफ बहुत सारे आरोप हैं और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इनकी जांच होनी चाहिए. सरकार इनकी जांच नहीं कर सकती क्योंकि 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि अफसर के खिलाफ आरोपों पर कोई जांच नहीं होगी. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी को कहा कि वो याचिकाकर्ता रजनीश कपूर को इसकी जानकारी दें. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में रजनीश बुधवार कोर्ट में अपना पक्ष रखें. वहां सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि क्या वो ईडी अफसर राजेश्वर सिंह का समर्थन करते हैं. केंद्र ने कहा कि वो किसी का समर्थन नहीं करती वो अपना पक्ष रखेंगे. एयरसेल मैक्सिस मामले में सुप्रीम कोर्ट सुब्रमण्यम स्वामी और ईडी अफसर राजेश्वर सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रहा है.
याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 6 महीने में जांच पूरी करने के आदेश दिए थे लेकिन कुछ लोग जांच अफसरों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के झूठे आरोप लगाकर जांच को रोक रहे हैं. इस मामले में पी चिदंबरम और कार्ति पर भी आरोप हैं.
5 जून को जस्टिस ए के गोयल और अशोक भूषण ने सिंह के खिलाफ रजनीश कपूर द्वारा दायर याचिका में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह की सहायता मांगी थी. राजेश्वर सिंह ने याचिकाकर्ता के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है. ईडी अधिकारी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस मामले में चार्ज शीट दायर की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि आय से अधिक संपत्ति के मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले ही मंजूरी दे दी गई थी और वह याचिकाकर्ता के खिलाफ अवमानना कार्रवाई चाहते हैं. दरअसल, एयरसेल-मैक्सिस मामले 2006 में एयरसेल में निवेश के लिए ग्लोबल कम्युनिकेशन होल्डिंग सर्विसेज लिमिटेड को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड द्वारा मंजूरी देने के लिए संबंधित है. पी चिदंबरम उस वक्त वित्त मंत्री थे और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम पर मंजूरी के बदले में रिश्वत का आरोप है.
अदालत ने पी चिदंबरम को 10 जुलाई तक मामले में गिरफ्तारी से संरक्षण दिया है। अधिकारी राजेश्वर सिंह एयरसेल-मैक्सिस मामले की जांच कर रहे हैं.
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Rajeshwar Singh, Supreme Court, Aircel Maxis Case