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प्रोपेगेंडा या हकीकत? 'धुरंधर 2' में अतीक अहमद जैसे किरदार पर भिड़े सियासी दल, जानें कौन क्या बोला

सपा सांसद राजीव राय ने धुरंधर 2 फिल्म के बहाने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी फिल्में राजनीतिक प्रोपेगेंडा का हिस्सा होती हैं तो AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान बोले, ऐसी फिल्में माहौल खराब करने के लिए बनाई जाती हैं.

प्रोपेगेंडा या हकीकत? 'धुरंधर 2' में अतीक अहमद जैसे किरदार पर भिड़े सियासी दल, जानें कौन क्या बोला
  • धुरंधर 2 फिल्म के एक किरदार आतिफ अहमद की तुलना यूपी के बाहुबली नेता अतीक अहमद से की जा रही है
  • AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि कुछ लोग पैसे कमाने के लिए ऐसी प्रोपेगेंडा फिल्में बनाते हैं
  • सपा सांसद राजीव राय ने कहा- बीजेपी के पास ऐसी मशीनरी है, जो मनगढ़ंत कहानियों पर फिल्में बनवाती है
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हाल ही में रिलीज हुई रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' रिलीज होते ही छा गई है. फिल्म ने दूसरे ही दिन 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है. हालांकि फिल्म को लेकर राजनीति भी गरमा गई है. वजह है धुरंधर 2 फिल्म का एक किरदार आतिफ अहमद, जिसकी तुलना यूपी के बाहुबली नेता अतीक अहमद से की जा रही है. इसे लेकर तमाम दलों के नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी हैं. कोई इसमें असल घटनाओं संबंध देख रहा है तो कोई प्रोपेगेंडा. समाजवादी पार्टी ने तो इसके बहाने बीजेपी पर ही सवाल उठा दिए.

दरअसल फिल्म में अतीक अहमद से मिलते जुलते किरदार के पाकिस्तानी आईएसआई, अंडरवर्ल्ड, गैंगस्टर से संबंध दिखाए गए हैं. यहां तक कहा गया है कि वह आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के समर्थन से उत्तर प्रदेश में पाकिस्तान समर्थित सरकार बनाने की साजिश में शामिल था. ये भी दिखाया गया है कि वह किस तरह नकली नोटों के नेटवर्क और भारत में हुई नोटबंदी से जुड़ा था. 

धुरंधर-2 में अतीक अहमद के ISI से कनेक्शन को लेकर बवाल, समाजवादी पार्टी ने दी यह प्रतिक्रिया

सपा सांसद राजीव राय का BJP पर आरोप

समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने फिल्म की कड़ी आलोचना की और फिल्म के बहाने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की फिल्में राजनीतिक प्रोपेगेंडा का हिस्सा होती हैं. उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी के पास एक ऐसी मशीनरी है, जो अपनी मनगढ़ंत कहानियों के आधार पर फिल्में बनवाती है. फिल्मों के जरिए लोगों के मन में एक खास तरह की छवि बनाने की कोशिश की जाती है." 

AIMIM प्रवक्ता ने बताया प्रोपेगेंडा

फिल्म को लेकर AIMIM  के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, "मैंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन मेरा मानना है कि जब आप कोई फिल्म बनाते हैं, तो वह ज्ञान और मनोरंजन के लिए होनी चाहिए... लेकिन हमारे देश में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो कुछ पैसे कमाने के लिए इस तरह की प्रोपेगेंडा फिल्में बनाते हैं. वो केवल एक खास समुदाय के खिलाफ, खासकर मुसलमानों के खिलाफ नफरत दिखाते हैं... इस तरह की फिल्में माहौल खराब करने के लिए बनाई जाती हैं."

फिल्में सच्चाई का आईनाः रामकृपाल यादव 

बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने फिल्म का सपोर्ट करते हुए कहा कि फिल्में समाज में होने वाली घटनाओं को ही दर्शाती हैं और लोगों के सामने सच को रखने का काम करती हैं. मैं अतीक अहमद को संसद के समय से जानता था और उन्हें करीब से देखा है. अगर फिल्म में उनकी कहानी दिखाई जा रही है तो इसमें कोई गलत बात नहीं है. 

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अतीक के किससे संबंध, पुलिस जानती हैः एसटी हसन

समाजवादी पार्टी के सांसद एसटी हसन ने अतीक अहमद को लेकर कहा, "देखिए उनका किससे जुड़ाव था और किससे नहीं, यह हमारी पुलिस बहुत अच्छी तरह जानती है. चाहे संबंध आईएसआई, सीआईए या केजीबी से था, हमारी खुफिया एजेंसियों और पुलिस ने अभी तक इस बारे में कोई खुलासा नहीं किया है, लेकिन फिल्म वाले क्या खुलासा कर दें, इसका कुछ पता नहीं है. उन्हें सिर्फ अपनी मूवी चलानी है और लोग उनके जाल में फंस जाते हैं. 

फिल्म में नोटबंदी का जिक्र होने और दाऊद इब्राहिम का आईएसआई से सीधा कनेक्शन दिखाए जाने पर हसन ने कहा, "दाऊद के बारे में तो हमने सुना है कि उसका कनेक्शन है. जहां तक अतीक अहमद की बात है, तो अभी तक भारतीय जांच एजेंसी ने ऐसा कुछ खुलासा नहीं किया है. अभी फिल्में सियासत के लिए बनाई जा रही हैं, समाज के लिए कोई मैसेज नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि फिल्ममेकर अपनी फिल्म चलाने के लिए थोड़ा-बहुत विवाद पैदा करते हैं. मुझे लगता है कि फिल्म वाले नफरत फैलाने के लिए पार्टी से भी पैसा लेते हैं. अभी लगता तो यही है कि ऐसी फिल्में सिर्फ पाकिस्तान से ही नफरत नहीं, बल्कि हिंदू-मुस्लिम के ताना-बाना को तोड़ने के लिए बनाई जा रही हैं. 

देखें- अतीक अहमद को लेकर धुरंधर 2 में किया गया दावा, उत्तर प्रदेश में बनाने जा रहा था पाकिस्तान समर्थित सरकार

अपराधी का महिमामंडन ठीक नहींः JDU प्रवक्ता

जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस मामले पर संतुलित रुख अपनाया और कहा, "मैं फिल्में नहीं देखता, लेकिन यह जिम्मेदारी सेंसर बोर्ड की है कि वह तय करे कि क्या दिखाना सही है और क्या नहीं. अगर फिल्म नियमों के तहत बनाई गई है, तो उसमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अगर किसी अपराध से जुड़े व्यक्ति को महिमामंडित किया जाता है तो यह समाज के लिए गलत संदेश दे सकता है."

दर्शकों की पसंद पर बनती हैं फिल्मेंः राजभर

उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी इसे लेकर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "फिल्में सरकार नहीं बनाती बल्कि फिल्ममेकर बनाते हैं. फिल्म बनाने वाले वही दिखाते हैं जो उन्हें लगता है कि दर्शकों को पसंद आएगा और फिल्म सफल होगी."

भावनाएं आहत न करेंः शिवसेना प्रवक्ता 

शिवसेना की प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा, "यह बहस का हिस्सा हो सकता है कि फिल्म प्रोपेगेंडा है या नहीं, लेकिन बॉलीवुड का मुख्य उद्देश्य लोगों का मनोरंजन करना है. ऐसी कोई बात नहीं होनी चाहिए जिससे विवाद पैदा हो या किसी की भावनाएं आहत हों."

देखें- Dhurandhar 2 Movie Review: धुरंधर 2 में पता चली नोटबंदी की असली वजह, अतीक अहमद का पाकिस्तानी कनेक्शन- जानें कैसी है रणवीर की मूवी

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