दिल्ली में सीजेपी (CJP) के धरना-प्रदर्शन के करीब 36 दिन बाद आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. उनकी जगह कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाया गया है.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद ओडिशा बीजेपी के भीतर एक नया राजनीतिक विवाद उभरकर सामने आ गया है. भुवनेश्वर से बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सचिन राहर की एक इंस्टाग्राम पोस्ट ने पार्टी के अंदरूनी गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छेड़ दी है.
अर्चिता ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र करते हुए एक पोस्ट साझा की थी. इसके बाद सोशल मीडिया पर ऐसे दावे तेजी से सामने आने लगे कि कथित तौर पर उन पर यह पोस्ट हटाने का दबाव बनाया गया था. हालांकि, अर्चिता ने अपनी एक अन्य पोस्ट में स्पष्ट संकेत दिया कि वह अपनी पोस्ट नहीं हटाएंगी. हालांकि, इन दावों की अब तक किसी भी आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हो सकी है.
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सांसद अपराजिता सारंगी ने सार्वजनिक रूप से धर्मेंद्र प्रधान का समर्थन किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना बेहद साहस का काम है और वह इस कठिन समय में धर्मेंद्र प्रधान के साथ मजबूती से खड़ी हैं.
अर्चिता का इंस्टाग्राम अकाउंट बंद!
यह विवाद तब और गहरा गया जब अर्चिता का इंस्टाग्राम अकाउंट अचानक से दिखना बंद हो गया. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्होंने यह अकाउंट स्वयं डिलीट या डीएक्टिवेट किया है, अथवा यह किसी अन्य तकनीकी कारण से अनुपलब्ध हुआ है. अर्चिता या अपराजिता सारंगी की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
गुटबाजी की अटकलों को हवा
इस पूरे घटनाक्रम ने ओडिशा बीजेपी के भीतर अंदरूनी मतभेदों और गुटबाजी की अटकलों को एक बार फिर हवा दे दी है. हालांकि, पार्टी नेतृत्व की ओर से इस विवाद पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक इसे लेकर चर्चाएं बेहद तेज हैं.
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