- दिल्ली से अलवर तक का रैपिड रेल रूट करीब 199 किलोमीटर लंबा होगा, जो दिल्ली-मेरठ से दोगुना है
- यह प्रोजेक्ट तीन चरणों में पूरा होगा और इसमें एलिवेटेड, अंडरग्राउंड तथा भूतल पर कुल 22 स्टेशन बनेंगे
- दिल्ली से गुरुग्राम तक कॉरिडोर NH-48 के समानांतर होगा, जिसमें साइबर सिटी समेत कई स्टेशन होंगे
Delhi Alwar RRTS Transit System: दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के बाद अब NCR में नमो भारत ट्रेन के नए रूट पर काम शुरू हो सकता है. ये दिल्ली से गुरुग्राम, रेवाड़ी होते हुए अलवर जिले तक जाएगा. दिल्ली से अलवर तक रैपिड रेल का ये रूट (Delhi-SNB-Alwar RRTS Corridor) करीब 199 किलोमीटर लंबा है, जो दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के दोगुने से भी अधिक है. ये सेमी हाईस्पीड रेल लाइन दिल्ली-गुरुग्राम-धारूहेड़ा-रेवाड़ी- एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराना-बेहरोद) से राजस्थान के अलवर को जोड़ेंगी. ये परियोजना तीन चरणों में पूरी होगी और 4 स्टेशनों की अलग लिंक लाइन भी होगी. इसमें एलिवेटेड, अंडरग्राउंड और भूतल पर स्टेशन होंगे. जबकि धारूहेड़ा और अलवर में डिपो बनेगा.
पहला चरण दिल्ली से धारूहेड़ा तक
रैपिड रेल की लाइन का पहला चरण दिल्ली से धारूहेड़ा की 70.72 किलोमीटर की दूरी में 13 स्टेशनों को जोड़ेगा. ये नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्टेशन कारपोरेशन (NCRTC) की तीन लाइनों में से एक है. इस रूट पर नमो भारत ट्रेनें अधिकतम 160 किमी प्रति घंटा रफ्तार से चलेंगी.
दिल्ली-एसएनबी रूट पर 16 स्टेशन बनेंगे
दिल्ली अलवर नमो भारत कॉरिडोर के पहले चरण में दिल्ली-एसएनबी (106 किमी) रूट पर 16 स्टेशन बनाए जाएंगे. दूसरे चरण में एसएनबी से सोतानाला (33 किमी) में चार स्टेशन और तीसरे चरण में एसएनबी से अलवर (58 किमी) तक दो स्टेशनों का रूट होगा. इससे पूरा कॉरिडोर 199 किमी लंबा हो जाएगा.

Delhi–Alwar Regional Rapid Transit System
दिल्ली से गुरुग्राम के बीच NH-48 तक कॉरिडोर
दिल्ली से गुरुग्राम के बीच कॉरिडोर नेशनल हाईवे 48 (एनएच-48) के समानांतर चलेगा. इसमें साइबर सिटी, इफ्को चौक, राजीव चौक और हीरो होंडा चौक पर स्टेशन होंगे. दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सरकारें 2018-2019 में ही प्रोजेक्ट को मंजूरी दे चुकी हैं.
ये भी पढ़ें - NCR में रैपिड रेल के 4 बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी, दिल्ली-नोएडा से गुरुग्राम-फरीदाबाद तक 8 शहर होंगे कनेक्ट, जानें डिटेल
नमो भारत ट्रेन नेटवर्क दिल्ली एयरपोर्ट से जुड़ेगा
यह रैपिड रेल हरियाणा के शहरी और औद्योगिक इलाकों से गुजरते हुए दिल्ली एयरपोर्ट को नमो भारत ट्रेन के नेटवर्क से जोड़ेगी. दिल्ली से अलवर का ये प्रोजेक्ट 2028 तक पूरा होना है और इसकी लागत 37 हजार करोड़ रुपये अनुमानित है. इस भारी खर्च के लिए वर्ल्ड बैंक, जापान बैंक और एशियन विकास बैंक की मदद ली जा सकती है. 2030 तक इस रूट पर रैपिड रेल दौड़ने से रोजाना 8.5 लाख यात्रियों की आवाजाही होने का अनुमान है.दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल की तरह दिल्ली-अलवर रूट पर भी इकोनॉमी और बिजनेस कोच होंगे.
दिल्ली-अलवर आरआरटीएस रूट मैप
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-अलवर नमो भारत कॉरिडोर NH-48 के समानांतर आगे बढे़गा, हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. पहले चरण की डीपीआर को दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सरकार से मंजूरी मिल चुकी है. केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा.
NCR में कनेक्टिविटी बढ़ेगी
दिल्ली-अलवर आरआरटीएस कॉरिडोर से दिल्ली, गुरुग्राम, अलवर, रेवाड़ी, बावल जैसे शहरों के जुड़ने से एनसीआर में हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी. इन औद्योगिक इलाकों में रियल एस्टेट गतिविधियों में और इजाफा होगा. रेजिडेंशियल सोसायटी और कॉमर्शियल रियल एस्टेट को भी बढ़ावा मिलेगा.
ये भी पढ़ें - Rapid Rail: दिल्ली से मेरठ बुलेट रफ्तार! नमो भारत के उद्घाटन की घड़ी आई, जानें सराय काले खां से मोदीपुरम तक रूट, शेड्यूल
दिल्ली-अलवर नमो भारत कॉरिडोर से जुड़े सवालों के जवाब यहां जानें...
FAQ_EMBED
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं