रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी के म्यूनिख में गुरुवार को डिफेंस इन्वेस्टर समिट के दौरान जर्मन कंपनियों को भारत के साथ मिलकर आधुनिक रक्षा तकनीक विकसित करने का खुला न्योता दिया. उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच अब भरोसेमंद साझेदारी की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है.
उन्होंने वैश्विक सुरक्षा और सप्लाई चेन में हो रहे बदलावों पर भारत का पक्ष रखते हुए कहा कि आज दुनिया में बहुत गहरे बदलाव हो रहे हैं. हम भू-राजनीतिक समीकरणों में बदलाव, सप्लाई चेन में रुकावटें, तेज़ी से हो रहे तकनीकी बदलाव और वैश्विक सुरक्षा माहौल में बढ़ती अनिश्चितता देख रहे हैं. ऐसी दुनिया में भरोसेमंद साझेदारी का महत्व बहुत ज़्यादा है.

उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में देश और उद्योग अपनी निर्भरताओं का फिर से मूल्यांकन कर रहे हैं, अपनी सप्लाई चेन में विविधता ला रहे हैं और ऐसे भरोसेमंद साझेदारों की तलाश कर रहे हैं जो लचीलापन, निरंतरता और आपसी विश्वास सुनिश्चित कर सकें.
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसी दुनिया में विश्वसनीयता और साझा हितों पर आधारित साझेदारियां बहुत ज़रूरी होती जा रही हैं. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत ने 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में एक बदलावकारी यात्रा शुरू की है.
राजनाथ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब केवल संभावनाओं वाला देश नहीं रह गया है, वह ऐसा देश बन चुका है, जिसने अपनी क्षमताएं साबित कर दी हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती और स्थिर प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. आर्थिक मजबूती के अलावा भारत दुनिया को स्थिरता और कानून के शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पेशकश भी करता है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुझे यह देखकर खुशी होती है कि भारत और जर्मनी के बीच रक्षा और औद्योगिक संबंध अब और भी गहरे हो चुके हैं. अब हमारा फोकस हथियारों और रक्षा उपकरणों के साझा विकास और साझा उत्पादन की तरफ है.
उन्होंने कहा कि अगर भारत-जर्मनी की दोस्ती के पिछले अध्याय तकनीक, व्यापार और संस्कृति के आधार पर लिखे गए थे, तो अगला अध्याय नए इनोवेशन, क्षमताओं और रणनीतिक सहयोग के दम पर लिखा जाएगा. हम साथ मिलकर ऐसी क्षमतााएं हासिल कर सकते हैं जो न सिर्फ हमारे अपने देशों के काम आएगी बल्कि पूरी दुनिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने में भी मदद करेगी.
गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिन की आधिकारिक यात्रा पर मंगलवार को म्यूनिख पहुंचे थे. उनकी यात्रा का उद्देश्य भारत-जर्मनी के बीच सामरिक संबंधों को मजबूती प्रदान करना और सैन्य संपर्क बढ़ाना है.
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