- केंद्र सरकार की रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 2.38 लाख करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों को स्वीकृति दी है
- इनमें एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम, धनुष गन सिस्टम, हाई कैपेसिटी रेडियो, एरियल सर्विलांस सिस्टम शामिल हैं
- वायुसेना के लिए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, S-400 मिसाइल सिस्टम, रिमोट स्ट्राइक एयरक्राफ्ट भी हैं
केंद्र सरकार ने सेना को नई ताकत देने के लिए 2.38 लाख करोड़ रुपये के विभिन्न रक्षा प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में इन प्रस्तावों को 'आवश्यकता की स्वीकृति' (AoN) प्रदान कर दी गई. इन प्रस्तावों में एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम, दुश्मन के मजबूत टैंकों को भेदने वाले गोले, हाई कैपेसिटी रेडियो, धनुष गन सिस्टम और जासूसी ड्रोन भी शामिल है.
सेना को क्या-क्या मिलेगा?
- एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम: यह दुश्मन के हवाई हमलों को रीयल टाइम में पहचानने और हवा में ही मार गिराने की क्षमता देगा.
- हाई कैपेसिटी रेडियो रिले: यह जंग की स्थिति में सैनिकों के बीच कभी न टूटने वाला, सेफ कम्युनिकेशन सुनिश्चित करेगा.
- धनुष गन सिस्टम: यह स्वदेशी तोप लंबी दूरी तक बेहद सटीकता से दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने में सक्षम है.
- रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम: यह सेना की जासूसी और निगरानी क्षमताओं में भारी इजाफा करेगा.
- आर्मर्ड पियर्सिंग टैंक एम्युनिशन: ये खास गोले दुश्मन के मजबूत और भारी कवच वाले टैंकों को भी चीर सकते हैं.
वायुसेना के लिए विमान से मिसाइल तक
भारतीय वायुसेना के पुराने AN-32 और IL76 विमान बेड़े को बदलने के लिए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीद को भी मंजूरी दी गई है. हवाई खतरों से निपटने के लिए जमीन से हवा में मार करने वाली S-400 लॉन्ग रेंज मिसाइल सिस्टम और रिमोट से चलने वाले स्ट्राइक एयरक्राफ्ट की खरीद का भी रास्ता साफ किया गया है. प्रस्तावों में सुखोई-30 लड़ाकू विमानों की इंजन ओवरहालिंग भी शामिल है, जिससे उनकी सर्विस लाइफ बढ़ जाएगी.
कोस्ट गार्ड की क्षमता भी मजबूत होगी
तटीय सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए इंडियन कोस्ट गार्ड को हैवी ड्यूटी एयर कुशन व्हीकल दिए जाएंगे. ये वाहन तेज गति से गश्त, खोज व बचाव अभियान चलाने और रसद पहुंचाने जैसे कामों में मददगार साबित होंगे. ये जहाजों की सहायता और सामान व सैनिकों की आवाजाही में भी योगदान दे सकेंगे.
वित्तीय वर्ष 2025-26 में DAC ने कुल 6.73 लाख करोड़ रुपये के 55 प्रस्तावों को मंजूरी दी है. इसके साथ ही 2.28 लाख करोड़ रुपये के 503 खरीद प्रस्तावों पर दस्तखत हो चुके हैं. इससे पहले किसी वित्तीय वर्ष में इतने प्रस्तावों को मंजूरी और समझौते नहीं हुए थे.
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