विज्ञापन
This Article is From Sep 03, 2018

कोयला घोटाला को लेकर कांग्रेस का मोदी सरकार पर अटैक, कहा- तय समय में जांच कर दोषियों को सजा दिलाएं

कांग्रेस ने अपने शासनकाल के दौरान हुए 29 हजार करोड़ के कोयला घोटाले की जांच तय समय में कराने की मांग की है.

कोयला घोटाला को लेकर कांग्रेस का मोदी सरकार पर अटैक, कहा- तय समय में जांच कर दोषियों को सजा दिलाएं
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश (फाइल फोटो)
  • कोयला घोटाला को लेकर कांग्रेस का मोदी सरकार पर अटैक
  • कहा- तय समय में जांच कर दोषियों को सजा दिलाएं
  • कांग्रेस ने जांच में देरी करने का आरोप लगाएं
नई दिल्ली: कांग्रेस ने अपने शासनकाल के दौरान हुए 29 हजार करोड़ के कोयला घोटाले की जांच तय समय में कराने की मांग की है. कांग्रेस ने इस घोटाले में सरकार पर जांच आगे नहीं बढ़ने देने का आरोप लगाया. कांग्रेस ने इसकी समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी का गठन किया जाने की भी मांग की है. पार्टी ने यह भी दावा किया कि सरकार ने इस मामले की जांच कर रहे राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) को गत चार वर्षों के दौरान जरूरी कागजात हासिल करने में मदद नहीं की क्योंकि इस मामले में उसके एक ‘पंसदीदा उद्योगपति’ की कंपनी भी शामिल हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अक्तूबर, 2014 में डीआरआई ने बताया था कि उसने कोयले के आयात में घोटाले की जांच शुरू की है. 31 मार्च, 2016 को डीआरआई ने कहा कि इस मामले में 40 कंपनियों के खिलाफ जांच चल रही है और यह 29 हजार करोड़ रुपये का घोटाला है.’’ 

यह भी पढ़ें: कोयला घोटाला : घूसखोरी के लिये उकसाने पर कोर्ट ने नवीन जिंदल के खिलाफ अतिरिक्त आरोप तय करने का आदेश

उन्होंने कहा, ‘‘सितंबर, 2017 में दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर मांग की गई है कि इस मामले की जांच सही नहीं हो रही है और ऐसे में इसकी जांच उच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी द्वारा होनी चाहिए.’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘इस मामले से जुड़ी एक कंपनी ने सिंगापुर की एक अदालत में जाकर कहा कि भारतीय स्टेट बैंक की सिंगपुर शाखा से कागजात डीआरआई को देने पर रोक लगाई जाए, हालांकि हाल ही में कंपनी को इस मामले में हार का सामना करना पड़ा था. अब इस कंपनी ने मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी है.’’ 

VIDEO: कोल ब्‍लॉक घोटाले में CBI ने मनमोहन सिंह को दी क्‍लीन चिट
उन्होंने कहा, ‘‘चार वर्षों के दौरान हमारे प्रधानमंत्री ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री से चार बार मुलाकात की, लेकिन कागजात डीआरआई को उपलब्ध कराने के संदर्भ में कोई बातचीत नहीं की.’’ रमेश ने आरोप लगाया कि जांच को जानबूझकर आगे नहीं बढ़ने दिया गया क्योंकि इस मामले में सरकार के एक ‘पसंदीदा उद्योगपति’ की कंपनी के खिलाफ भी जांच चल रही है. कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमारी मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष, वस्तुनिष्ठ और समयबद्ध जांच के लिए एसआईटी का गठन होना चाहिए.’’ उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को जवाब देना चाहिए.
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Coal Scam, Modi Government
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com