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क्यों दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के मुख्यालय आया चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का प्रतिनिधिमंडल?

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय का दौरा किया है. दुनिया के दो सबसे बड़े राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच इस मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

क्यों दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के मुख्यालय आया चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का प्रतिनिधिमंडल?
Communist Party of China
नई दिल्ली:

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को नई दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय का दौरा किया. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के विदेश विभाग की प्रमुख सुन हैयान के नेतृत्व में भारत यात्रा पर आए इस प्रतिनिधिमंडल से बीजेपी मुख्यालय पर राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और बीजेपी के विदेश मामलों के विभाग के प्रमुख डॉ विजय चौथाईवाले समेत कई बीजेपी नेता मिले. दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा के मुख्यालय में दूसरे सबसे बड़े राजनीतिक दल सीपीसी के नेताओं का यह दौरा अहम माना जा रहा है.

बीजेपी और सीपीसी के बीच संवाद

 इस मुलाकात के बारे में डॉ चौथाईवाले ने एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि इस चर्चा के दौरान बीजेपी और सीपीसी के बीच संवाद बढ़ाने के तौर-तरीकों के बारे में विस्तार से बात की गई। बैठक के दौरान भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग भी मौजूद थे.बीजेपी सूत्रों के अनुसार इस बैठक की पहल चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से की गई थी. दरअसल, दोनों पार्टियों के बीच आखिरी बार औपचारिक संपर्क 2019 में हुआ था, जब बीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल अरुण सिंह के नेतृत्व में चीन गया था. उसके बाद गलवान घाटी में दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष के बाद से दोनों सत्तारूढ़ दलों के बीच संवाद टूट गया था। अब बदले हालात में संवाद को बहाल करने की पहल की गई है.

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चीन का प्रतिनिधिमंडल

सूत्रों के अनुसार बैठक में आपसी संवाद को बढ़ाने पर ही जोर दिया गया। यह तय किया गया कि आने वाले समय में भी यह बातचीत जारी रहे। बीजेपी नेताओं के अनुसार इस बैठक में केवल पार्टी- टू- पार्टी मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच के जटिल और नाजुक मुद्दों को नहीं छुआ गया क्योंकि ये मुद्दे दोनों देशों की सरकारों के बीच चर्चा का विषय हैं. सूत्रों ने बताया कि चीन का यह प्रतिनिधिमंडल सरकार स्तर पर भी मुलाकात करेगा.

गौरतलब है कि गलवान संघर्ष के बाद भारत और चीन के बीच रिश्तों में खटास आई थी. नागरिकों के बीच संपर्क भी टूट गया था। भारत ने चीनी कंपनियों और निवेश को लेकर कई पाबंदियां भी लगाई थीं. हालांकि अब रिश्तों में सुधार हो रहा है. पीएम मोदी की हाल की चीन यात्रा के बाद रिश्तों को पटरी पर लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं जिनमें सीधी हवाई सेवाओं को बहाल करना भी शामिल है.

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के बीजेपी मुख्यालय पर दौरे को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं. पूछा जा रहा है कि एक ऐसे समय जब चीन ने जम्मू – कश्मीर में शक्सगाम घाटी पर अपना दावा किया है, यह मुलाकात क्यों हो रही है. कुछ यूजर्स ने इस मुलाकात को बीजेपी के उन आरोपों से भी जोड़ा है जिसमें यूपीए सरकार के समय कांग्रेस पार्टी और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के बीच एमओयू हुआ था. इस पर बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह दोनों पार्टियों के बीच संवाद है.

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