National Anthem New Rules: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राज्य गीत और विदेशी राष्ट्रगान को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. मंत्रालय ने सभी सरकारी संस्थानों और अधिकारियों से कहा है कि इन नियमों का पूरी गंभीरता से पालन किया जाए. सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान हर हाल में बना रहना चाहिए और इनके गायन या वादन के दौरान किसी तरह की गलती नहीं होनी चाहिए. नए निर्देशों में यह भी साफ किया गया है कि किन मौकों पर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत गाए या बजाए जाएंगे और उस समय लोगों को क्या करना चाहिए.
राष्ट्रगान बजे तो क्या करना होगा?
गृह मंत्रालय के मुताबिक जब भी राष्ट्रगान बजाया जाए, लोगों को सावधान की मुद्रा में खड़े होकर सम्मान देना चाहिए. हालांकि अगर किसी फिल्म, न्यूजरील या डॉक्यूमेंट्री में राष्ट्रगान कहानी का हिस्सा बनकर आता है, तो दर्शकों के लिए खड़ा होना जरूरी नहीं होगा. मंत्रालय का मानना है कि ऐसी स्थिति में खड़े होने से फिल्म या कार्यक्रम में व्यवधान आ सकता है और अनावश्यक भ्रम की स्थिति बन सकती है.
गलत उच्चारण से बचने पर जोर
मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत गाते समय सही शब्दों और शुद्ध उच्चारण का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. इसके साथ ही सही पाठ और लिपि का इस्तेमाल भी किया जाना चाहिए. लोगों की सुविधा के लिए मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर सही पाठ और उच्चारण से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई है. सभी सरकारी कार्यालयों को इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
इन मौकों पर गाया जाएगा राष्ट्रगीत
नागरिक सम्मान समारोह, सरकारी कार्यक्रम और औपचारिक राजकीय आयोजनों में राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान के समय राष्ट्रगीत गाया जाएगा. इसके अलावा राष्ट्रपति जब रेडियो या टेलीविजन के माध्यम से देश को संबोधित करेंगे, तब उनके संबोधन से पहले और बाद में भी राष्ट्रगीत बजाया जाएगा. राज्यपालों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों से जुड़े औपचारिक समारोहों में भी इसका वादन किया जाएगा.
राज्य गीत के साथ क्या होगा क्रम?
जिन राज्यों में राज्य गीत गाने या बजाने की परंपरा है, वहां भी नया नियम लागू होगा. मंत्रालय ने कहा है कि यदि किसी कार्यक्रम में राज्य गीत, राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान तीनों प्रस्तुत किए जाएं, तो सबसे पहले राष्ट्रगीत होगा और उसके बाद राष्ट्रगान गाया या बजाया जाएगा. वहीं परेड के दौरान राष्ट्रीय ध्वज लाए जाने के समय भी तय नियमों के अनुसार राष्ट्रगीत का वादन किया जाएगा. मंत्रालय ने साफ किया है कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े इन नियमों का पालन सभी सरकारी कार्यक्रमों में एक समान तरीके से किया जाना चाहिए.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं