संसद का बजट सत्र आज यानी बुधवार से शुरू हो रहा है. बजट सत्र की शुरुआत से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. इस मौके पर उन्होंने इसे दौरान कहा कि भारत आज हर क्षेत्र में विकास कर रहा है. केंद्र सरकार नारी शक्ति से लेकर युवाओं को नई पहचान देने के लिए कई क्षेत्र में काम कर रही है.
इससे पहले पीएम मोदी ने भी अपना संबोधन दिया था. उन्होंने कहा था कि मैं सांसदों से अनुरोध करता हूं कि वो इस सत्र में ऐसा करें जिससे कि आम जनता का फायदा हो से. उन्होंने कहा कि आपने आज तक जो किया वो बीती बात हो गई है, लेकिन आगे अपने क्षेत्र के मुद्दों को सदन में रखिए जिससे की आपके क्षेत्र का फायदा हो सके.
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि जनता उन्हीं सांसदों को लंबे समय तक याद रख पाते हैं जो सदन में आकर आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं और उत्तम विचारों को पेश करते हैं.
बता दें कि केंद्र सरकार ने बजट सत्र के शुरू होने से ठीक पहले सरकार ने 146 विपक्षी सांसदों के निलंबन को भी रद्द कर दिया है. 146 में से 132 सांसदों को शीत सत्र के लिए ही निलंबित किया गया था, इसीलिए ,अगले सत्र, यानी बजट सत्र में यह निलंबन स्वत: समाप्त हो गया है. वहीं शेष 14 सांसदों को विशेषाधिकार समितियां द्वारा उनके फैसला होने तक निलंबित कर दिया गया था.
14 सांसदों में 3 लोकसभा और 11 राज्यसभा के सांसद थे. इनके मामलों को संसद की विशेषाधिकार समितियों ((Privilege Committee of Lok Sabha) के पास भेजा गया था और कहा गया था कि समिति का फैसला आने तक उन्हें निलंबित किया गया है. लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने 11 जनवरी को लोकसभा सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया था, वहीं राज्यसभा सांसदों का निलंबन मंगलवार को रद्द किया गया.