सीबीआई की एक विशेष अदालत ने साल 1992 के महेंद्र सिंह भाटी हत्याकांड के सिलसिले में आज उत्तर प्रदेश के विवादित नेता डी पी यादव और तीन अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई।
यादव के वकील रूपेंद्र भंडारी ने बताया कि सजा की अवधि की घोषणा करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश अमित कुमार सिरोही ने मामले में सभी चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई और उन सब पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। उन्होंने कहा कि विशेष सीबीआई अदालत के आदेश के खिलाफ यादव जल्द ही उत्तराखंड हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
करीब 22 साल पुराने इस मामले में यादव के अलावा जिन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई उनके नाम हैं पाल सिंह, करण यादव और प्रणीत भाटी। अदालत ने इन सभी आरोपियों को 28 फरवरी को आईपीसी की धारा 302 हत्या, 307 हत्या की कोशिश और 120-बी आपराधिक साजिश, के तहत दोषी करार दिया था।
यादव ने इस मामले में कल अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया था जिसके बाद उन्हें तुरंत देहरादून की जेल में भेज दिया गया था। सीबीआई अदालत ने यादव के खिलाफ उस वक्त गिरफ्तारी वारंट जारी किया था जब वह मेडिकल आधार पर 28 फरवरी को अदालत में पेश नहीं हुए थे।
गाजियाबाद के दादरी इलाके से विधायक रहे महेंद्र सिंह भाटी की दिसंबर 1992 में दादरी रेलवे क्रॉसिंग पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में यादव सहित कुल सात लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया गया था जिसमें से तीन की मौत हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह मामला साल 2000 में सीबीआई देहरादून को सौंप दिया गया था।
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