यह ख़बर 12 जुलाई, 2014 को प्रकाशित हुई थी

रेप की घटनाओं को रोकने के लिए कर्नाटक के स्कूल- कॉलेजों में मोबाइल फोन पर रोक लगाने की सिफारिश

बेंगलुरू:

कर्नाटक विधानसभा की एक समिति ने सरकार से स्कूल-कॉलेजों में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। समिति का मानना है कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से ही बलात्कार और छेड़छाड़ की घटनाओं में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है और इन घटनाओं को रोकने के लिए फोन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।

महिला एवं बाल कल्याण संबंधी विधायिका समिति ने कहा, 'कर्नाटक सरकार को शिक्षा विभाग को निर्देश देना चाहिए कि वह छात्रों पर स्कूल एवं कालेजों में मोबाइल फोन लाने पर अनिवार्य प्रतिबंध लगा दे।'

शकुंतला शेट्टी की अध्यक्षता वाली 23 सदस्यीय इस समिति की रिपोर्ट को कल कर्नाटक विधायिका के दोनों सदनों में पेश किया गया। रिपोर्ट के 'महिलाओं से बलात्कार : लापता होने के मामले' शीषर्क अध्याय में यह सिफारिश की गई है।

रिपोर्ट में देश में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं का उल्लेख किया गया है। इसमें दिल्ली के 2012 में सामूहिक बलात्कार के चर्चित मामले तथा उत्तर प्रदेश में हाल में हुए दो चचेरी बहनों के साथ सामूहिक बलात्कार एवं हत्या की घटना का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया कि इन घटनाओं के चलते पूरे देश के समय भारतीयों का सिर शर्म से झुक गया।

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शेट्टी ने अपने विवादास्पद निष्कर्ष एवं सिफारिशों का बचाव करते हुए कहा, 'हमने बातचीत में पाया कि स्कूल एवं कालेज जाने वाली लड़कियों के साथ होने वाले अपहरण एवं बलात्कार के पीछे मोबाइल है।'