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This Article is From Dec 27, 2011

सरकार ने देश को धोखा दिया है : अन्ना

अन्ना ने कहा कि सरकार ने देश को धोखा दिया है, इसलिए जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां की जनता इस सरकार को सबक सिखाए।
मुंबई / नई दिल्ली: अन्ना ने कहा कि सरकार ने देश को धोखा दिया है, इसलिए जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां की जनता इस सरकार को सबक सिखाए। उन्होंने कहा कि जब गुनहगार संसद में आ रहे हैं, तो हमें लोकपाल के बाद राइट टू रिजेक्ट जैसे कानून के लिए भी आंदोलन करना होगा। इससे पहले उत्साह से भरे समर्थकों के बीच अन्ना हजारे मंगलवार को कमजोर लोकपाल विधेयक के खिलाफ यहां तीन दिन के अनशन पर बैठ गए जबकि प्रस्तावित कानून पर लोकसभा में चर्चा शुरू हो गई। वाइरल संक्रमण से पीड़ित हजारे अपने घनिष्ठ सहयोगियों अरविन्द केजरीवाल, किरण बेदी और मनीष सिसौदिया के साथ मुम्बई के उपनगरीय क्षेत्र बांद्रा कुर्ला कांप्लेक्स में एमएमआरडीए मैदान पहुंचे जो समर्थकों की हर्ष ध्वनि भारत माता की जय और वंदे मातरम के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। हजारे ने वंदे मातरम और इंकलाब जिन्दाबाद के नारों के साथ अपना अनशन शुरू किया। अनशन स्थल पर पहुंचने से पहले 74 वर्षीय हजारे अपनी रैली के दौरान जुहू बीच पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। रैली सांताक्रुज ट्यूलिप स्टार होटल मिठीभाई कॉलेज एसवी रोड विले पार्ले खार और बांद्रा राजमार्ग से होकर गुजरी। इसे अनशन स्थल तक पहुंचने में ढाई घंटे लगे। हजारे गेस्ट हाउस से एक सुसज्जित खुले ट्रक पर तिरंगा लहराते हुए एमएमआरडीए मैदान के लिए निकले। बड़ी संख्या में लोग उनका समर्थन करने के लिए सड़कों पर खड़े थे। हालांकि उस समय हंगामा देखने को मिला जब लगभग 20 लोगों ने उनके काफिले को रोक दिया और उन्हें काले झंडे दिखाए। जुहू बीच पर महात्मा गांधी की प्रतिमा की ओर जा रहे हजारे के काफिले को थोड़ी देर के लिए प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया। प्रदर्शनकारी हाथों में काले झंडे और तिरंगा लिए हुए थे। वे अन्ना हजारे मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के अपना तीन दिवसीय शुरू करने के महज एक घंटे के अंदर ही उनके प्रमुख सहयोगियों-अरविंद केजरीवाल और किरण बेदी ने उनके खराब स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर उनसे भूखहड़ताल खत्म करने की अपील की लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। बेदी ने एमएमआरडीए मैदान में समर्थकों से से कहा, उन्हें ज्वर है और हमें उनसे उपवास रोकने का अनुरोध करना चाहिए। अन्ना अपना धरना जारी रख सकते हैं। अन्ना इसी मैदान उपवास पर बैठे हैं। वह विषाणु संक्रमण से ग्रस्त हैं और उनके निजी सहायक सुरेश पठारे इस बात पर जोर दे रहे हैं कि 74 वर्षीय हजारे ठीकठाक हैं और वह उपवास पर बैठे रहेंगे। बेदी ने भीड़ से कहा, अन्ना अस्वस्थ हैं। क्या आप अन्ना से उनका उपवास वापस लेने का अनुरोध करेंगे। इस पर भीड़ ने हां में जवाब दिया। हालांकि ऐसे मौसम में शांतचित्त हजारे ने ना में अपना सिर हिलाया। केजरीवाल और अन्य घनिष्ठ सहयोगी मनीष सिसौदिया ने भी हजारे से उपवास खत्म करने का अनुरोध किया। पिछले तीन दिनों से सर्दी और हल्के ज्वर से गुजर रहे हजारे गेस्ट हाउस में एक रैली से यहां करीब साढ़े 12 बजे पहुंचे। उनके डॉक्टर डी जी पोटे ने सोमवार को कहा था, फिलहाल वह थोड़ा कमजोर हैं लेकिन लेकिन कल से उपवास करने के योग्य हो जाएंगे। उनका रक्तचाप और जीवन संबंधी अन्य मापदंड सामान्य है। उन्हें थोड़ा बहुत सर्दी जुकाम है लेकिन वह तेजी से अच्छे हो रहे हैं।
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