पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. आंध्र प्रदेश आतंकी नेटवर्क से पता चला है कि पाकिस्तानी हैंडलर 'खवातीन' नाम का समूह बनाना चाहते थे. इनमें युवाओं को स्नाइपर राइफल और आईईडी की ट्रेनिंग देकर 'काफिरों' को निशाना बनाना चाहते थे. भारत के राज्यों से 12 संदिग्धों की गिरफ्तारी और पूछताछ से एक कथित आतंकी-कट्टरपंथी नेटवर्क का खुलासा हुआ है. इसे मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ और उसके सहयोगी लीड कर रहे थे, जिन पर पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सीरिया, बांग्लादेश और संयुक्त अरब अमीरात में आईएसआईएस और अकीस के गुर्गों से संबंध रखने का आरोप है.
'खवातीन' नामक महिला विंग का खुलासा
जांच में 'खवातीन' नामक एक महिला विंग का भी खुलासा हुआ है. हैदराबाद से गिरफ्तार की गई आरोपियों में से एक सईदा बेगम पर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर में गुर्गों से संपर्क बनाए रखने और नेटवर्क में महिलाओं की भर्ती में सहायता करने का संदेह है. माना जाता है कि महिला कैडरों को कट्टरपंथ, प्रचार और भर्ती गतिविधियों में सहायता के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है. जांचकर्ताओं को संदेह है कि नए सदस्यों की भर्ती करने और बड़ा नेटवर्क बनाने के लिए महिलाओं की अलग से भर्ती की जा रही है.
नकाब पहने लोग, हाथों में ISIS के झंडे
आंध्र प्रदेश पुलिस के सूत्रों ने भी पुष्टि की है कि जिहादी विचार फैलाने और मुस्लिम युवाओं की भर्ती करने के लिए 40 से ज्यादा इंस्टाग्राम अकाउंट और ऑनलाइन चैट ग्रुप का इस्तेमाल किया गया. आरोपियों ने कथित तौर पर ओसामा बिन लादेन, डॉ. इसरार अहमद, अनवर अल-अवलाकी और जाकिर नायक के वीडियो और भाषण शेयर किए, ताकि युवाओं को उग्रवाद की ओर प्रेरित किया जा सके और भारत में एक इस्लामी राज्य स्थापित करने की सोच को बढ़ावा दिया जा सके. जांच के अनुसार, समूह के सदस्यों ने नकाब पहने, आईएसआईएस के झंडे पकड़े और एक उंगली उठाते हुए "एक उम्माह" का नारा लगाते हुए तस्वीरें पोस्ट कीं। यह नारा एक इस्लामी शासन के समर्थन में व्यक्त किया जाता है। पुलिस ने पुष्टि की कि सदस्यों ने दावा किया कि उनका लक्ष्य भारत में "खिलाफत" या इस्लामी शासन स्थापित करना था।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान से हथियार
आतंकी नेटवर्क के जांचकर्ताओं ने संकेत दिया कि नेटवर्क का मकसद युवाओं को आतंकवादी प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान या अफगानिस्तान में "हिजरत" करने के लिए प्रेरित करना था. विदेशी प्रशिक्षकों ने कथित तौर पर रंगरूटों को सलाह दी कि उन्हें पहले विदेशों में मदरसों में धार्मिक और जिहादी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा. पुलिस ने बताया कि प्रशिक्षकों ने आईईडी, स्नाइपर राइफलों और आतंकवादी ऑपरेशंस में प्रशिक्षण देने पर चर्चा की, साथ ही यह भी वादा किया कि भारत में भविष्य की आतंकी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान से हथियार उपलब्ध कराए जाएंगे.
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पाकिस्तान के आतंकियों से सीधा कॉन्टेक्ट
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि समूह ने पीडीएफ दस्तावेज़ और वीडियो साझा किए जिनमें काला पाउडर और बम (आईईडी) बनाने के तरीके बताए गए थे. सामग्री में कथित तौर पर विस्फोट और अन्य हिंसक कृत्यों को अंजाम देने के निर्देश भी शामिल थे. पुलिस ने बताया कि आरोपियों का पाकिस्तान, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात और अफगानिस्तान के ऑपरेटर्स से सीधा कॉन्टेक्ट था. इन ऑपरेटर्स की पहचान अल-हाकिम शकूर, मोहम्मद हुजैफा, निंजा, हेमरोक्सी, अबू मुहरिब, अबू बलूशी और अन्य के रूप में हुई है. सुरक्षा एजेंसियां वर्तमान में नेटवर्क द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे विदेशी संपर्कों, फाइनेंस चैनलों और ऑनलाइन खातों की जांच कर रही हैं, साथ ही समूह द्वारा संभावित रूप से कट्टरपंथी बनाए गए अन्य युवाओं की पहचान करने का प्रयास कर रही हैं।
आंध्र प्रदेश पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस सेल और विजयवाड़ा पुलिस ने छह राज्यों से 12 लोगों को गिरफ्तार किया है. पहली गिरफ्तारी 24 मार्च को हुई, जब मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ, मोहम्मद दानिश और मिर्जा सोहेल बेग को विजयवाड़ा के विंचीपेटा इलाके से पकड़ा गया. बाद में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए हैदराबाद, कर्नाटक, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार से नौ और आरोपियों को गिरफ्तार किया.
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