विज्ञापन

तमन्ना भाटिया विवाद के बीच मैसूर सैंडल की रिकॉर्ड कमाई, टर्नओवर ₹2,016 करोड़ के पार

तमन्ना भाटिया को ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने पर हुए विवाद के बावजूद, कर्नाटक सरकार की PSU KSDL ने 2025-26 में रिकॉर्ड ₹2,016 करोड़ का टर्नओवर और ₹507 करोड़ का मुनाफा कमाया है. सरकार इसे मजबूत रणनीति और सुशासन का नतीजा बता रही है.

तमन्ना भाटिया विवाद के बीच मैसूर सैंडल की रिकॉर्ड कमाई, टर्नओवर ₹2,016 करोड़ के पार
बेंगलुरु:

ब्रांड एंबेसडर के तौर पर अभिनेत्री तमन्ना भाटिया की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद के बावजूद, कर्नाटक सरकार की कंपनी कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (KSDL) ने वित्त वर्ष 2025–26 में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है. सरकार के मुताबिक, मैसूर सैंडल ब्रांड बनाने वाली इस कंपनी का टर्नओवर ₹2,016 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹507 करोड़ दर्ज किया गया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है.

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस उपलब्धि को सराहते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि KSDL की सफलता इस बात का उदाहरण है कि मजबूत शासन और सही रणनीति से एक पारंपरिक सरकारी कंपनी को आधुनिक और सफल उद्यम में बदला जा सकता है.

यह भी पढ़ें- तमन्ना भाटिया को 'माशाअल्लाह दूधिया' कहने पर अन्नू कपूर ने दी सफाई, बोले- बात अंग्रेजी में कही होती तो विवाद नहीं होता

लगातार बढ़ती कमाई

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, KSDL की ग्रोथ बीते कुछ वर्षों से लगातार बनी हुई है.

  • 2022-23 में कंपनी का टर्नओवर ₹1,375 करोड़ था.
  • 2023-24 में यह बढ़कर ₹1,571 करोड़ हुआ.
  • 2024-25 में ₹1,786 करोड़ तक पहुंचा.
  • और 2025-26 में पहली बार ₹2,000 करोड़ का आंकड़ा पार करते हुए ₹2,016 करोड़ हो गया.

इसी तरह, कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी ₹182 करोड़ से बढ़कर ₹362 करोड़, फिर ₹451 करोड़ और अब ₹507 करोड़ हो गया है.

राज्य खजाने में भी बड़ा योगदान

कर्नाटक सरकार ने बताया कि KSDL ने इस साल ₹150 करोड़ का डिविडेंड राज्य को दिया है, जो पहले ₹21 करोड़ के मुकाबले कई गुना ज्यादा है. इसके अलावा, कंपनी का उत्पादन 47,494 मीट्रिक टन तक पहुंचा, 57 नए उत्पाद लॉन्च किए गए और निर्यात में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. अधिकारियों के मुताबिक, बीते चार वर्षों में KSDL ने 35 फीसदी की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) के साथ ₹2,000 करोड़ से ज्यादा का टर्नओवर हासिल किया है.

आगे और बड़े लक्ष्य

सरकार ने KSDL के लिए अब और भी बड़े लक्ष्य तय किए हैं. सरकार ने 2028 तक ₹3,000 करोड़ टर्नओवर का टारगेट सेट किया है. वहीं 2030 तक ₹5,000 करोड़ टर्नओवर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही राज्य में चंदन की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस पहल के तहत 700 से अधिक किसान, करीब 3,800 एकड़ भूमि में चंदन उगा रहे हैं, जिससे कच्चे माल की उपलब्धता मजबूत होगी.

तमन्ना भाटिया को लेकर विवाद

हालांकि, कंपनी की ब्रांडिंग रणनीति उस समय विवादों में आई जब मायसोर सैंडल साबुन के लिए अभिनेत्री तमन्ना भाटिया को ब्रांड एंबेसडर बनाया गया. विपक्षी दलों और कई प्रो‑कन्नड़ संगठनों ने एक सदी पुराने कर्नाटक के ब्रांड के लिए गैर‑कन्नड़ चेहरे के चयन पर सवाल उठाए.

सरकार ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड की पहचान बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है. अधिकारियों का तर्क है कि तमन्ना की पैन‑इंडिया लोकप्रियता और मजबूत सोशल मीडिया पहुंच से मैसूर सैंडल को राज्य से बाहर भी नए बाजार मिलेंगे. सरकार का कहना है कि रिकॉर्ड वित्तीय नतीजे इस बात का सबूत हैं कि कंपनी सही दिशा में आगे बढ़ रही है, भले ही इस पर राजनीतिक बहस जारी है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com