पश्चिमी उत्तर प्रदेश को हरियाणा से जोड़ने वाला एक और और एक्सप्रेसवे तैयार हो रहा है. 122 किलोमीटर का ये एक्सप्रेसवे बिहार, बंगाल, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई एक्सप्रेसवे का अहम लिंक होगा. इससे पंजाब से सीधे बंगाल तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी. पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भी नया रास्ता खुलेगा.अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे (Ambala-Shamli Expressway) भारतमाला परियोजना के तहत 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस नियंत्रित एक्सप्रेसवे है. 122 किमी का यह प्रोजेक्ट अंबाला से शामली के बीच की दूरी और यात्रा के समय को काफी कम कर देगा. गंगा एक्सप्रेसवे, गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे, गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से ये कनेक्ट हो जाएगा.
अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे (Ambala-Shamli Expressway)
ये रूट हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल और यमुनानगर जिलों के ग्रामीण इलाकों से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश के शामली जिले में प्रवेश करेगा.
शामली से आगे चलकर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के नेटवर्क से ये लिंक होगा. इससे पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर से ट्रैफिक को दिल्ली के जाम में फंसे बिना सीधे वेस्ट यूपी जैसे मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर की ओर मुड़ जाएगा.
- 100 से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार
- 122 किमी का ये शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे
- 1.5 घंटे में होगा सफर 3 से घंटे की जगह

Ambala Shamli Expressway
यूपी से हरियाणा तक नया रूट
अंबाला की इंडस्ट्रियल बेल्ट, यमुनानगर के प्लाईवुड उद्योग और शामली-मुजफ्फरनगर के चीनी उद्योग को इससे लिंकेज मिलेगा.भारी वाहनों की रफ्तार बढ़ने से लॉजिस्टिक्स खर्च में कमी आएगी. अभी अंबाला से शामली जाने वाले रूट पर भारी ट्रैफिक और घनी आबादी के कारण 3 से 4 घंटे का समय लगता है. एक्सप्रेसवे बनने के बाद ये वक्त घटकर महज डेढ़ घंटे रह जाएगा.
NHAI दिसंबर तक पूरा करेगा एक्सप्रेसवे
इसे नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) कई चरणों में पूरा कर रही है. ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के नए एलाइनमेंट पर काम हो रहा है. इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 100 से 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकेंगे. अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे की अनुमानित लागत करीब 4900 करोड़ रुपये है और NHAI के अनुसार ये दिसंबर 2026 तक पूरा होगा.
तीन बड़े एक्सप्रेसवे से लिंक होगा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: यह एक्सप्रेसवे यूपी के गोगवान जलालपुर (शामली) के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से इंटरचेंज के जरिये लिंक होगा. इससे अंबाला और पंजाब से आने वाले यात्री सीधे उत्तराखंड में देहरादून, हरिद्वार जा सकेंगे.
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे (प्रस्तावित): शामली से ही 700 किमी लंबा गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है. इससे पूर्वाचंल में गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती जैसे जिलों के यात्रियों को सीधे अंबाला तक नेटवर्क मिलेगा. चूंकि गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक हाईवे भी बन रहा है. ऐसे में बंगाल तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी.
अंबाला-चंडीगढ़ एक्सप्रेसवे: अंबाला-शामली एक्सप्रेस-वे अंबाला के सादलपुर में अंबाला-चंडीगढ़ एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन अंबाला-मोहाली एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा. इससे चंडीगढ़ और पंजाब की कनेक्टिविटी आसान होगी.
अंबाला रिंग रोड प्रोजेक्ट: ये एक्सप्रेसवे अंबाला के नए रिंग रोड प्रोजेक्ट का भी हिस्सा बनेगा. इससे पंजाब-हिमाचल की गाड़ियां अंबाला शहर के ट्रैफिक जाम में फंसे बिना हाईस्पीड कनेक्टिविटी पा सकेंगी.
अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे बेल्ट: अंबाला के जरिए ये रूट लुधियाना-अमृतसर रूट से भी जुड़ेगा. इससे पूरा बरेली-लुधियाना इकोनॉमिक कॉरिडोर तक नेटवर्क बनेगा.
हरियाणा को मिलेगी बंगाल तक कनेक्टिविटी
हरियाणा के अंबाला जिले में सादलपुर, पंजोखरा, साहा को आउटर बाईपास बनने से ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा. कुरुक्षेत्र के लाडवा, बबैन की अनाज मंडियों तक पहुंच आसान होगी. रादौर और यमुनानगर के प्रसिद्ध प्लाईवुड और मेटल उद्योगों को उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के बाजारों कनेक्टिविटी मिलेगी.करनाल का इन्द्री ब्लॉक भी एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी पाएगा.
वेस्ट यूपी को नया एक्सप्रेसवे मिलेगा
वेस्ट यूपी के शामली जिले में एक्सप्रेसवे का मुख्य जंक्शन पॉइंट बन रहा है. यहां रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स वेयरहाउसिंग में इजाफा होगा. सहारनपुर के नकुड़ और गंगोह इलाकों को एक्सप्रेसवे से सीधे फायदा होगा. खासकर लकड़ी के बाजार और गन्ना किसानों को.
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यमुना नदी पर नया पुल बनेगा
हरियाणा और यूपी की सीमा को जोड़ने के लिए चांद्रो (Chandro) के पास यमुना नदी पर एक बड़ा पुल बनाया जा रहा है. इससे दोनों राज्यों के गांवों की कनेक्टिविटी बेहद मजबूत होगी. पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से उत्तर प्रदेश या उत्तराखंड जाने वाले भारी ट्रक अब दिल्ली के पेरीफेरल एक्सप्रेसवे या रिंग रोड की जगह इस रूट से बाईपास हो जाएंगे. इससे दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक कम होगा.
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