विज्ञापन
This Article is From Dec 11, 2021

आंदोलन खत्म होने के बाद जीत की खुशी संग घर लौटते किसान, नाचते-गाते आए नजर

किसान 11 दिसंबर को ‘विजय दिवस’ के रूप में मना रहे हैं. तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर हजारों किसान पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

राजमार्गों पर नाकेबंदी हटा दी गई है.
नई दिल्ली:
  1. एक सफल आंदोलन के बाद पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में किसानों के अपने घरों के लिए रवाना होने के साथ ही भावनाएं उत्साह बनकर उमड़ने लगीं. रंग-बिरंगी रोशनी से सजे ट्रैक्टर जीत के गीत गाते हुए विरोध स्थलों से निकलने लगे और रंगीन पगड़ियां बांधे बुजुर्ग युवाओं के साथ नृत्य करते नजर आए.
  2. पंजाब के मोगा निवासी किसान कुलजीत सिह ओलाख ने घर लौटने को उत्सुक अपने साथी किसानों के साथ सफर शुरू करने से पहले कहा, 'सिंघू बॉर्डर पिछले एक साल से हमारा घर बन गया था. इस आंदोलन ने हमें (किसानों को) एकजुट किया, क्योंकि हमने विभिन्न जातियों, पंथों और धर्मों के बावजूद काले कृषि कानूनों के खिलाफ एक साथ लड़ाई लड़ी. यह एक ऐतिहासिक क्षण है और आंदोलन का विजयी परिणाम और भी बड़ा है.'
  3. गाजीपुर सीमा पर एक किसान जीतेंद्र चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने घर लौटने के लिए अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली तैयार करने में व्यस्त थे. उन्होंने कहा कि वह सैकड़ों अच्छी यादों के साथ और ‘काले' कृषि कानूनों के खिलाफ मिली जीत के साथ घर जा रहे हैं.
  4. किसान 11 दिसंबर को ‘विजय दिवस' के रूप में मना रहे हैं. तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर हजारों किसान पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.
  5. इन कानूनों को निरस्त करने के लिए 29 नवंबर को संसद में एक विधेयक पारित किया गया था. हालांकि, किसानों ने अपना विरोध समाप्त करने से इनकार कर दिया और कहा कि सरकार उनकी अन्य मांगों को पूरा करे जिसमें एमएसपी पर कानूनी गारंटी और उनके खिलाफ पुलिस में दर्ज मामले वापस लेना शामिल है.
  6. जैसे ही केंद्र ने लंबित मांगों को स्वीकार किया, आंदोलन की अगुवाई कर रही, 40 किसान यूनियनों की छत्र संस्था, संयुक्त किसान मोर्चा ने गुरुवार को किसान आंदोलन को स्थगित करने का फैसला किया और घोषणा की कि किसान 11 दिसंबर को दिल्ली की सीमाओं पर विरोध स्थलों से घर वापस जाएंगे.
  7. किसान नेताओं ने कहा कि वे यह देखने के लिए 15 जनवरी को फिर मुलाकात करेंगे कि क्या सरकार ने उनकी मांगों को पूरा किया है.


(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Kisan Andolan, Farmer Protest
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com