- ओडिशा के बरहामपुर निवासी के. विजय कुमार रेड्डी ने चॉक पर FIFA वर्ल्ड कप ट्रॉफी की बारीक आकृति उकेरी है.
- विजय ने केवल 1 सेंटीमीटर ऊंचाई में ट्रॉफी और 0.5 मिलीमीटर आकार की फुटबॉल की नक्काशी की है.
- तीन महाद्वीपों के फुटबॉल मैस्कॉट्स को लगभग 1.5 सेंटीमीटर आकार में चॉक पर उकेरा गया है.
फुटबॉल के प्रति लोगों की दीवानगी दुनिया भर में देखने को मिलती है, लेकिन ओडिशा के एक युवा कलाकार ने इस खेल के प्रति अपने जुनून को कला के माध्यम से एक अनोखा रूप दिया है. बरहामपुर के रहने वाले 24 वर्षीय के. विजय कुमार रेड्डी ने साधारण सी दिखने वाली चॉक पर FIFA वर्ल्ड कप ट्रॉफी, फुटबॉल और मैस्कॉट्स की बेहद बारीक आकृतियां उकेरकर लोगों को हैरान कर दिया है. उनकी यह कलाकृति न सिर्फ उनकी प्रतिभा को दर्शाती है, बल्कि खेल और कला के प्रति उनके समर्पण की भी मिसाल है.
इलेक्ट्रिकल इंजीनियर ने कला से बनाई पहचान
ओडिशा के गंजाम जिले के बरहामपुर निवासी के. विजय कुमार रेड्डी पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं. हालांकि नौकरी के साथ-साथ उन्होंने अपनी रचनात्मकता को भी जिंदा रखा है. मिनीएचर चॉक आर्ट उनकी खास पहचान बन चुकी है और वह अपनी बारीक नक्काशी के लिए जाने जाते हैं.
चॉक पर उकेरी 1 सेंटीमीटर का FIFA ट्रॉफी
विजय कुमार रेड्डी ने एक साधारण चॉक पर केवल 1 सेंटीमीटर ऊंची FIFA वर्ल्ड कप ट्रॉफी तैयार की है. इतनी छोटी जगह में ट्रॉफी के आकार और डिजाइन को उकेरना आसान नहीं था. इसके साथ ही उन्होंने महज 0.5 मिलीमीटर की फुटबॉल भी बनाई, जिसे देखकर लोग उनकी कला की तारीफ कर रहे हैं.

युवा कलाकार के. विजय कुमार रेड्डी.
तीन महाद्वीपों के मैस्कॉट्स को भी दी जगह
वर्ल्ड कप ट्रॉफी और फुटबॉल के अलावा विजय ने तीन अलग-अलग महाद्वीपों का प्रतिनिधित्व करने वाले मैस्कॉट्स भी चॉक पर उकेरे हैं, जो लगभग 1.5 सेंटीमीटर के है. बेहद सीमित जगह में इतनी बारीकी से तैयार की गई यह कलाकृति उनके धैर्य, एकाग्रता और हुनर को दर्शाती है.
दो दिन की मेहनत से तैयार हुई कलाकृति
इस अनोखे आर्टवर्क को तैयार करने में विजय कुमार रेड्डी को करीब दो दिन का समय लगा. उन्होंने बेहद सावधानी और धैर्य के साथ चॉक पर नक्काशी की. एक छोटी सी चूक से पूरी कलाकृति खराब हो सकती थी, लेकिन उनकी मेहनत ने इस चुनौती को एक शानदार उपलब्धि में बदल दिया.
फुटबॉल प्रेमियों को दिया एकता का संदेश
विजय का कहना है कि यह आर्टवर्क सिर्फ एक कलाकृति नहीं है. इसके माध्यम से वह दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों को एकता, खेल भावना और भाईचारे का संदेश देना चाहते हैं. उनका मानना है कि खेल और कला दोनों ऐसी ताकतें हैं, जो लोगों को जोड़ती हैं और सीमाओं से परे एक-दूसरे के करीब लाती हैं.
छोटी सी चॉक पर समेट दी बड़ी दुनिया
विजय कुमार रेड्डी की यह कलाकृति दिखाती है कि अगर प्रतिभा, मेहनत और जुनून साथ हों तो सीमित संसाधनों में भी असाधारण काम किया जा सकता है. ओडिशा के इस युवा कलाकार ने अपनी बारीक कला से यह साबित कर दिया है कि छोटी सी चॉक पर भी पूरी दुनिया की कहानी उकेरी जा सकती है.
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