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This Article is From Oct 17, 2014

राममंदिर को लेकर फिलहाल मोदी सरकार पर दबाव नहीं डालेंगे : संघ

राममंदिर को लेकर फिलहाल मोदी सरकार पर दबाव नहीं डालेंगे : संघ
लखनऊ:

अयोध्या में राममंदिर निर्माण को लेकर केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नरेंद्र मोदी सरकार पर फिलहाल कोई दबाव नहीं बनाने का संकेत देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने शुक्रवार को कहा कि यह मुद्दा बीजेपी के घोषणापत्र में रहा है और केंद्र सरकार के पास इसके लिए वर्ष 2019 तक का समय है।

संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने संवाददाताओं के एक सवाल के जवाब में कहा, "राममंदिर का मुद्दा तो पहले से मैनिफेस्टो (बीजेपी के चुनाव घोषणापत्र) में है... राममंदिर इस देश के एजेंडे में हैं - राष्ट्रहित में है..." उन्होंने यह भी कहा, "हम राममंदिर निर्माण के लिए धर्माचार्यों और विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के आंदोलन का समर्थन करते रहे हैं..."

यह पूछे जाने पर कि बीजेपी पूर्ण बहुमत की सरकार बनने पर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करने के लिए कानून बनाने की बात करती रही है और अब चूंकि बीजेपी की बहुमत की सरकार बन गई है, तो क्या संघ अब इस संबंध में कोई मांग करेगा, होसबाले ने कहा, "सरकार की अपनी प्राथमिकताएं हैं - वह उनके अनुसार काम करेगी... अभी उनके पास वर्ष 2019 तक का समय है..."

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की शुक्रवार को ही उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुरु हुई तीन-दिवसीय बैठक के बारे में जानकारी देने के लिए संवाददाताओं से बातचीत के दौरान आतंकवादी संगठनों अलकायदा और आईएसआईएस की चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर दत्तात्रेय होसबाले ने अधिक विस्तार में नहीं जाते हुए कहा, "बैठक में देश की सुरक्षा के संदर्भ में भी चर्चा होगी..."

'लव जिहाद' से जुड़े सवालों को दत्तात्रेय होसबाले ने यह कहते हुए टाल दिया कि पिछले 10 सालों में इस पर काफी चर्चा हो चुकी है। यह पूछे जाने पर कि क्या कार्यकारी मंडल की बैठक में कोई राजनीतिक एवं आर्थिक प्रस्ताव पारित किया जाएगा, उन्होंने बताया, "अभी तो नई सरकार आई ही है... पहले इसका कामकाज देखेंगे..."

दत्तात्रेय होसबाले ने इस मौके पर जम्मू एवं कश्मीर, आंध्र प्रदेश, मेघालय आदि राज्यों में हाल के दिनों में आई आपदाओं के दौरान संघ कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए बचाव और राहत कार्यों की विस्तार से जानकारी दी और बताया कि कार्यकारी मंडल की बैठक में इन क्षेत्रों में संघ की तरफ से चलाए जाने वाले पुनर्वास कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी।

उन्होंने बताया कि विगत तीन-चार वर्षों से संघ का हर वर्ष लगभग 20 प्रतिशत की दर से विस्तार हो रहा है और इस वर्ष इसके प्राथमिक प्रशिक्षण वर्ग में लगभग सवा लाख नए स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। सह सरकार्यवाह ने बताया कि अब संघ नागरिक अनुशासन, स्वच्छता और पर्यावरण के क्षेत्रों में योगदान के लिए विशेष योजनाएं बनाएगा।

उन्होंने कहा कि बैठक में देश के विभिन्न भागों से आए लगभग 390 प्रांत प्रचारक और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों के बारे में अपने अनुभव साझा करेंगे, जिनके आधार पर विभिन्न क्षेत्रों के लिए कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी।

दत्तात्रेय होसबाले ने यह भी बताया कि हाल के दिनों में प्राकृतिक आपदाओं तथा सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से हुई गोलीबारी में मारे गए नागरिकों और शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुई तीन-दिवसीय बैठक की शुरुआत संघप्रमुख मोहन भागवत ने की। उन्होंने बताया कि कार्यकारी मंडल की बैठक में शामिल होने के लिए संघ पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों के अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी यहां आए हैं, जो विशेष निमंत्रण पर बैठक में मौजूद रहेंगे।

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