
अरविंद केजरीवाल का फाइल फोटो...
नई दिल्ली:
देश की राजधानी दिल्ली में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर केजरीवाल सरकार ने आज कुछ बड़े फैसले किए हैं। सरकार का मानना है कि अगर किसी नाबालिग का रेप होता है तो अपराधी को कम से कम उम्र कैद और अधिकतम फांसी की सज़ा होनी चाहिए। साथ ही अगर रेप करने वाला नाबालिग है तो उसे सज़ा देने की उम्र सीमा 18 साल साल से घटाकर 15 साल किया जाए। कानून मंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में एक ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर बनाया गया है जो 15 दिनों में इस पर एक प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में लाएगा।
अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इसके अलावा ये ग्रुप इस बात पर भी सुझाव देगा कि रेप के मामलों को जल्द से जल्द कैसे निपटाया जाए। किस तरह से रेप के सभी मामलों को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में डाला जा सकता है। अगर जरूरत हुई तो नए कोर्ट भी बनाए जाएंगे और इसके लिए दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की भी मदद ली जाएगी।
दिल्ली कैबिनेट की मीटिंग में लिए गए फैसलों से मीडिया को अवगत कराते हुए केजरीवाल ने कहा, महिला सुरक्षा पर एक हफ्ते में जांच कमिशन बनाया जाएगा साथ ही ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर ये भी जांचेगा कि अगर पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित महिला संतुष्ट नहीं होती तो उनके लिए अलग से थाने बनाए जाएं, महिला शिकायत दर्ज करा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा, पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम तेजी से शुरू किया जाएगा। राजधानी में जितनी भी अंधेरी जगह हैं, वहां जल्द से जल्द से लाइट की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें एमसीडी की भी सहायता ली जाएगी। इसके अलावा विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि रेप के जितने भी केसों में विशेष लोक अभियोजकों की जरूरत है, इस बाबत मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया जाए। वहीं, फोरेंसिक लैबों में भी रेप से संबंधित जितने केस/सैंपल्स जांच के लिए पेंडिंग पड़े हैं, उनका तुरंत निस्तारण किया जाए।
अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इसके अलावा ये ग्रुप इस बात पर भी सुझाव देगा कि रेप के मामलों को जल्द से जल्द कैसे निपटाया जाए। किस तरह से रेप के सभी मामलों को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में डाला जा सकता है। अगर जरूरत हुई तो नए कोर्ट भी बनाए जाएंगे और इसके लिए दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की भी मदद ली जाएगी।
दिल्ली कैबिनेट की मीटिंग में लिए गए फैसलों से मीडिया को अवगत कराते हुए केजरीवाल ने कहा, महिला सुरक्षा पर एक हफ्ते में जांच कमिशन बनाया जाएगा साथ ही ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर ये भी जांचेगा कि अगर पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित महिला संतुष्ट नहीं होती तो उनके लिए अलग से थाने बनाए जाएं, महिला शिकायत दर्ज करा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा, पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम तेजी से शुरू किया जाएगा। राजधानी में जितनी भी अंधेरी जगह हैं, वहां जल्द से जल्द से लाइट की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें एमसीडी की भी सहायता ली जाएगी। इसके अलावा विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि रेप के जितने भी केसों में विशेष लोक अभियोजकों की जरूरत है, इस बाबत मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया जाए। वहीं, फोरेंसिक लैबों में भी रेप से संबंधित जितने केस/सैंपल्स जांच के लिए पेंडिंग पड़े हैं, उनका तुरंत निस्तारण किया जाए।
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