रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर मालविंदर सिंह और शिविंदर सिंह (फाइल फोटो).
नई दिल्ली:
सुप्रीम कोर्ट ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर मालविंदर सिंह और शिविंदर सिंह को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराने के फैसले को बरकरार रखा है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी. कोर्ट ने अपने नवंबर 2019 के फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि दाइची को मध्यस्थता अवार्ड का भुगतान न करने पर दोनों अदालत की अवमानना के दोषी हैं.
नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सजा से बचने के लिए प्रत्येक को 1175 करोड़ रुपये देने का निर्देश दिया था. सिंह बंधुओं ने पुनर्विचार याचिका दायर की और शीर्ष अदालत से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था.
कोर्ट ने कहा है कि पहले के फैसले में कोई कोई त्रुटि नहीं मिली है इसलिए याचिका खारिज की जाती है.
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