नई दिल्ली/कोलकाता:
डीजल मूल्यवृद्धि, रसोई गैस सब्सिडी को सीमित करने तथा बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर रोक लगाने के फैसलों को वापस लेने के लिए तृणमूल कांग्रेस द्वारा केन्द्र को दी गई 72 घंटे की समयसीमा समाप्त होने के बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया। इस बीच ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि स्थिति बहुत बिगड़ने पर तृणमूल के मंत्री सरकार से बाहर आ सकते हैं।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने निर्णय को वापस लेने की संभावना से इनकार कर दिया जबकि उनकी सहयोगी अंबिका सोनी ने भरोसा जताया कि तृणमूल ऐसा कुछ नहीं करेगी जिससे यूपीए की स्थिरता को खतरा पहुंचे। कांग्रेस ने भी कहा कि बातचीत चल रही है लेकिन इस बारे में उसने ज्यादा ब्यौरा नहीं दिया।
कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल की बैठक की पूर्व संध्या पर पार्टी नेता एवं केन्द्रीय मंत्री सुल्तान अहमद ने तीन विकल्प दिए हैं जिसमें यूपीए से समर्थन वापस लेना शामिल है।
अहमद ने बताया, ‘यूपीए से मंत्री बाहर आ सकते हैं, सरकार से समर्थन वापस लिया जा सकता है या मंत्री अपने दफ्तरों में ही नहीं जाएं।’
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने निर्णय को वापस लेने की संभावना से इनकार कर दिया जबकि उनकी सहयोगी अंबिका सोनी ने भरोसा जताया कि तृणमूल ऐसा कुछ नहीं करेगी जिससे यूपीए की स्थिरता को खतरा पहुंचे। कांग्रेस ने भी कहा कि बातचीत चल रही है लेकिन इस बारे में उसने ज्यादा ब्यौरा नहीं दिया।
कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल की बैठक की पूर्व संध्या पर पार्टी नेता एवं केन्द्रीय मंत्री सुल्तान अहमद ने तीन विकल्प दिए हैं जिसमें यूपीए से समर्थन वापस लेना शामिल है।
अहमद ने बताया, ‘यूपीए से मंत्री बाहर आ सकते हैं, सरकार से समर्थन वापस लिया जा सकता है या मंत्री अपने दफ्तरों में ही नहीं जाएं।’
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