
पश्चिम बंगाल की बनगांव लोकसभा सीट पर 13 फरवरी को होने वाले उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए प्रदेश सरकार के मंत्री मंजुल कृष्ण ठाकुर ने गुरुवार को पार्टी नेतृत्व पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी और भाजपा का दामन थाम लिया।
शरणार्थी राहत और पुनर्वास मंत्री मंजुल कृष्ण ने राज्य सरकार और पार्टी पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया और फिर अपने बेटे सुब्रत ठाकुर के साथ भाजपा में शामिल हो गए।
ठाकुर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'मैंने आज मेरे बेटे के साथ भाजपा में शामिल होने का फैसला किया क्योंकि मुझे लगता है कि तृणमूल कांग्रेस अब ईमानदार और अच्छे नेताओं के लिए नहीं रही। तृणमूल कांग्रेस ने मुझे मेरे मटुआ समुदाय के कल्याण के लिए काम नहीं करने दिया।'
संवाददाता सम्मेलन में मौजूद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने मंजुल और उनके बेटे का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा, 'तृणमूल कांग्रेस के पहले मंत्री के भाजपा में शामिल होने के साथ बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के पतन की शुरुआत हो गई है। देखते जाइए कि अगले कुछ दिन में क्या क्या होता है।'
13 फरवरी को बनगांव लोकसभा के लिए होने वाले उपचुनाव से पहले ठाकुर का भाजपा में आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है चूंकि इस क्षेत्र में मटुआ समुदाय के मतदाताओं की बड़ी संख्या है। यह सीट ठाकुर के बड़े भाई और तृणमूल सांसद कपिल कृष्ण ठाकुर के निधन के बाद खाली हो गई थी।
ठाकुर ने कहा, 'मैं तृणमूल कांग्रेस में घुटन महसूस कर रहा था। मैंने मटुआ समुदाय के लिए जो भी करना चाहा, अड़चन पैदा की गई। 2011 के विधानसभा चुनावों से पहले ममता बनर्जी के वादों के बावजूद कोई विकास नहीं हुआ। जब भी मैंने उन्हें बताना चाहा, उन्होंने केवल बात सुनी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।'
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