भारत-चीन के विदेश मंत्रियों के बीच मॉस्को में बनी सहमति के आधार पर बाकी मुद्दे सुलझाए जाएंगे

India China LAC Dispute : पैंगोंग झील क्षेत्र में पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की बैठक 20 फरवरी को हुई थी.समझा जाता है कि भारत हाट स्प्रिंग, गोगरा और देपसांग में तेजी से पीछे हटने को लेकर जोर दे रहा है.

भारत-चीन के विदेश मंत्रियों के बीच मॉस्को में बनी सहमति के आधार पर बाकी मुद्दे सुलझाए जाएंगे

India China LAC को लेकर विचार विमर्श और समन्वय संबंधी कार्यकारी तंत्र की बैठक हुई

नई दिल्ली:

भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच मॉस्को में बनी सहमति के आधार पर सीमा पर बने गतिरोध के बाकी मुद्दों (India China LAC Dispute) को सुलझाया जाएगा. भारत-चीन सीमा मामलों पर विचार विमर्श और समन्वय संबंधी कार्यकारी तंत्र की शुक्रवार को 21वीं बैठक में यह निर्णय हुआ. दोनों देशों ने तय किया कि वे जमीनी स्तर पर स्थिरता कायम रखने के साथ किसी भी अप्रिय घटना से बचेंगे.

भारत और चीन ने शुक्रवार को पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गतिरोध के बाकी बचे मुद्दों के समाधान को लेकर व्यापक चर्चा की. बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि पैंगोंग झील के उत्तरी, दक्षिणी किनारे से सैनिकों को पीछे हटाने से बाकी मुद्दों के जल्द समाधान की दिशा में अच्छी बुनियाद तैयार हुई है. इस बैठक में भारत का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (पूर्वी एशिया) ने किया. चीनी दल का नेतृत्व चीन के विदेश मंत्रालय के सीमा एवं समुद्री विभाग के महानिदेशक ने किया.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हालात की समीक्षा की. इस सेक्टर में एलएसी पर बाकी मुद्दों के समाधान को लेकर गहन चर्चा की. दोनों पक्षों ने इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि पिछले वर्ष सितंबर में मास्को में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच बनी सहमति और पिछले महीने टेलीफोन पर हुई चर्चा के अनुरूप दोनों पक्षों को काम करना जारी रखना चाहिए.


दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि दोनों देशों को गतिरोध वाले सभी स्थानों से जल्द से जल्द सैनिकों की पूर्ण वापसी के लिए परस्पर स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने के लिए वार्ता जारी रखनी चाहिए. इससे दोनों पक्षों को क्षेत्र में व्यापक रूप से सैनिकों के पीछे हटाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाली करने में मदद मिलेगी. भारत और चीन राजनयिक एवं सैन्य स्तर पर करीबी संवाद कायम रखने पर भी सहमत हुए

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पैंगोंग झील क्षेत्र में पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की बैठक 20 फरवरी को हुई थी. इसमें संघर्ष के अन्य इलाकों में पीछे हटने पर ध्यान केंद्रित किया गया था. समझा जाता है कि भारत हाट स्प्रिंग, गोगरा और देपसांग में तेजी से पीछे हटने को लेकर जोर दे रहा है.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)