New Delhi:
कमजोर लोकपाल विधेयक के विरोध में टीम अन्ना का रामलीला मैदान में आंदोलन हल्के अंदाज में शुरू हुआ। सर्दी की वजह से ज्यादा लोग आंदोलन स्थल तक नहीं पहुंचे और अन्ना हजारे की गैर-मौजूदगी के कारण भी लोग रामलीला मैदान पहुंचने को उतावले नजर नहीं आए। मुंबई में हजारे के आंदोलन के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए टीम अन्ना के सदस्यों ने राजधानी के रामलीला मैदान में आंदोलन करने का ऐलान किया था, लेकिन सर्दी की बेरहमी और पारा सामान्य से कम रहने के कारण शहर पर कोहरे की चादर तनी रही, जिसकी वजह से ज्यादा लोग नहीं पहुंचे और आंदोलन समय पर शुरू नहीं हो पाया। रामलीला मैदान में आंदोलन और क्रमिक अनशन सुबह 10 बजे शुरू होना था, लेकिन यह 90 मिनट देर से शुरू हो पाया। पिछले आंदोलन के समय मंच पर अन्ना की मौजूदगी ने बहुत से लोगों को रामलीला मैदान की राह पकड़ने की प्रेरणा दी थी। दिल्ली के आंदोलन की अगुवाई कर रहे शांतिभूषण खुद ही साढ़े 10 बजे मंच पर नमूदार हुए। हालांकि टीम अन्ना के अन्य सदस्य और शांतिभूषण के पुत्र प्रशांत भूषण आंदोलनस्थल पर मौजूद थे और मीडिया को आंदोलन के बारे में और इसके देर से शुरू होने के बारे में जानकारी दे रहे थे। शांतिभूषण तकरीबन एक घंटे तक मंच पर तन्हा बैठे रहे और नेपथ्य में संगीत बजता रहा। प्रशांत और टीम अन्ना के बाकी सदस्य बाद में उनके पास पहुंचे।
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