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This Article is From Dec 14, 2011

टीम अन्ना ने लोकपाल पर सीबीआई का समर्थन किया

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सभी मामलों की प्रारंभिक जांच जरूरी कर दिए जाने से भ्रष्ट लोगों को पता चल सकता है कि वे सीबीआई की नजर में हैं।
New Delhi: लोकपाल से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर असहमति जता चुकी सीबीआई को टीम अन्ना का भी समर्थन मिल गया है, जिसने कहा कि स्थायी समिति के सुझाव खतरनाक हैं और इन्हें खारिज किया जाना चाहिए। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा, हम सीबीआई के विरोध का समर्थन करते हैं और मानते हैं कि स्थायी समिति की रिपोर्ट खतरनाक है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सिफारिशों को लागू किया गया, तो इससे सीबीआई की कार्यप्रणाली पंगु हो जाएगी। केजरीवाल ने कहा, सभी मामलों के लिए प्रारंभिक जांच अनिवार्य कर दिए जाने से भ्रष्ट लोगों को यह पता चल सकता है कि वे सीबीआई की नजर में हैं और छापा पड़ने से पहले ही वे खुद को बचा सकते हैं। उन्होंने कहा, हम सीबीआई की दलील का समर्थन करते हैं और वे सिफारिशों का सही विरोध कर रहे हैं। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार हजारे के अभियान का इस्तेमाल सीबीआई की भूमिका को हल्का करने के लिए कर रही है।केजरीवाल का बयान ऐसे समय पर आया है, जब सीबीआई ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग को पत्र लिखकर कहा कि किसी मामले को सीबीआई को दिए जाने से पहले उसकी लोकपाल द्वारा प्रारंभिक जांच किए जाने को अनिवार्य बनाए जाने का प्रस्तावित कदम भ्रष्टाचार के मामलों के खिलाफ एजेंसी की प्रभाविकता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाएगा। सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि इस प्रस्तावित कदम से एजेंसी अपने स्तब्ध करने देने वाले तत्व अर्थात तलाशी अभियान शुरू करने को खो देगी। पत्र के मुताबिक वर्तमान समय में एजेंसी विभिन्न स्रोतों से सूचना इकट्ठा करती है, योजना बनाती है और दस्तावेजों एवं साक्ष्यों को हासिल करने के लिए तलाशी अभियान चलाती है।
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