गाजियाबाद:
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के प्रमुख सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को घोषणा की कि भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के लिए गठित कोर समिति भंग नहीं होगी। इसके साथ ही केजरीवाल ने चेतावनी दी कि यदि संसद के शीतकालीन सत्र में प्रभावी लोकपाल विधेयक नहीं पारित हुआ तो समिति के सदस्य अगले वर्ष विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के खिलाफ प्रचार करेंगे। केजरीवाल ने गाजियाबाद में कोर समिति की पांच घंटे तक चली बैठक के बाद कहा, "कोर समिति को भंग करने का सवाल ही नहीं उठता। सरकार कोर समिति पर हमला कर रही है, जिसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। हम जन लोकपाल विधेयक से ध्यान बंटाने की अनुमति नहीं देंगे।" केजरीवाल ने कहा कि अन्ना पक्ष को हिसार लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस के खिलाफ प्रचार करने के लिए मजबूर किया गया, क्योंकि कांग्रेस जन लोकपाल विधेयक के समर्थन में सामने नहीं आई। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा 10 अक्टूबर को अन्ना को लिखे पत्र का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा कि यदि यह पत्र पहले ही आ गया होता तो कांग्रेस के खिलाफ प्रचार की जरूरत नहीं पड़ी होती। प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में एक प्रभावी लोकपाल विधेयक के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का भरोसा दिलाया था। केजरीवाल ने कहा, "यदि शीतकालीन सत्र में विधेयक नहीं पारित हुआ, तो आंदोलन को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस विरोधी रणनीति अपनानी होगी।"आईएसी की कोर कमेटी बैठक में लिए गए निर्णय
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टीम अन्ना, अन्ना हजारे, किरण बेदी