श्रीनगर:
कश्मीर घाटी में अधिकारियों ने शुक्रवार को स्वाइन फ्लू अलर्ट जारी किया। चिकित्सकों के यह कहने के बाद कि स्थानीय समुदाय के कुछ हिस्सों में एच1एन1 वायरस पाया गया है, यह चेतावनी जारी की गई है।
महामारी विशेषज्ञ जीएम कादरी ने कहा, "2008-09 में हमें एच1एन1 के 53 मामले मिले थे जिनकी जांच के दौरान वायर होने की पुष्टि हुई थी। इस वायरस का संक्रमण बाहर से आए लोगों से या संक्रमित इलाके का दौरा करने से होता है।"
उन्होंने कहा, "हमारे समुदाय के कुछ हिस्से में वायरस पाया गया है और इससे निपटने के लिए हमें एहतियाती उपाय अमल में लाने होंगे।"
कादरी ने कहा कि इस बीमारी के आम लक्षण हैं बहुत तेज ज्वर (करीब 104 डिग्री फॉरनहाइट) आना, नाक बहना, गला बैठ जाना और बलगम बनते रहना।
उन्होंने कहा, "हम संक्रमित व्यक्ति का इलाज टाइमफ्लू औषधि से करते हैं और यह संक्रमण उपचार योग्य है। लेकिन, रोकथाम, सावधानी सदा से सबसे अच्छा उपाय है।"
कादरी ने कहा, "लोग हमेशा अपने हाथ को साफ रखें, तंग जगहों पर जाने से बचें, एच1एन1 संक्रमित व्यक्ति दूसरों के सामने न खांसें न छींकें। संक्रमित व्यक्ति समारोह या भीड़ भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें।"
संक्रमित व्यक्ति के परिवार के सदस्यों पर एच1एन1 निगरानी उनकी जांच कर रखी जानी चाहिए।
पिछले सप्ताह आधुनिक सुविधाओं वाले शेर-ए-कश्मीर इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एसकेआईएमएस) के एक कर्मचारी की मौत हो गई जबकि चिकित्सकों का कहना है कि पिछले पांच महीनों के दौरान उन लोगों ने चार अन्य का सफलतापूर्वक इलाज किया है।
महामारी विशेषज्ञ जीएम कादरी ने कहा, "2008-09 में हमें एच1एन1 के 53 मामले मिले थे जिनकी जांच के दौरान वायर होने की पुष्टि हुई थी। इस वायरस का संक्रमण बाहर से आए लोगों से या संक्रमित इलाके का दौरा करने से होता है।"
उन्होंने कहा, "हमारे समुदाय के कुछ हिस्से में वायरस पाया गया है और इससे निपटने के लिए हमें एहतियाती उपाय अमल में लाने होंगे।"
कादरी ने कहा कि इस बीमारी के आम लक्षण हैं बहुत तेज ज्वर (करीब 104 डिग्री फॉरनहाइट) आना, नाक बहना, गला बैठ जाना और बलगम बनते रहना।
उन्होंने कहा, "हम संक्रमित व्यक्ति का इलाज टाइमफ्लू औषधि से करते हैं और यह संक्रमण उपचार योग्य है। लेकिन, रोकथाम, सावधानी सदा से सबसे अच्छा उपाय है।"
कादरी ने कहा, "लोग हमेशा अपने हाथ को साफ रखें, तंग जगहों पर जाने से बचें, एच1एन1 संक्रमित व्यक्ति दूसरों के सामने न खांसें न छींकें। संक्रमित व्यक्ति समारोह या भीड़ भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें।"
संक्रमित व्यक्ति के परिवार के सदस्यों पर एच1एन1 निगरानी उनकी जांच कर रखी जानी चाहिए।
पिछले सप्ताह आधुनिक सुविधाओं वाले शेर-ए-कश्मीर इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एसकेआईएमएस) के एक कर्मचारी की मौत हो गई जबकि चिकित्सकों का कहना है कि पिछले पांच महीनों के दौरान उन लोगों ने चार अन्य का सफलतापूर्वक इलाज किया है।