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This Article is From Nov 14, 2019

राफेल, राहुल और सबरीमाला पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, पढ़ें- 10 खास बातें

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को तीन अहम मामलों पर सुनवाई की और फैसला सुनाया.

राफेल, राहुल और सबरीमाला पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, पढ़ें- 10 खास बातें
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
  1. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को सबरीमाला में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे (Sabarimala Case) को लेकर दाखिल की गई पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई की और इस मामले को 7 जजों की संविधान पीठ के पास भेज दिया. यह फैसला 3-2 के बहुमत से हुआ. 
  2. पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SC के फैसले सभी के लिए बाध्यकारी हैं और 2018 का फैसला बरकरार रहेगा. बता दें कि सबरीमाला मामले में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने फरवरी में बहस पूरी की थी और फैसला सुरक्षित रखा था. 
  3. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में 2018 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए याचिका दाखिल की गई है. शीर्ष अदालत ने 28 सितंबर, 2018 को 4:1 के बहुमत से फैसला देते हुए, सबरीमला मंदिर में 10 से 50 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर रोक की व्यवस्था को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया था. 
  4. आज सुप्रीम कोर्ट ने राफेल लड़ाकू विमान सौदा मामले में केंद्र सरकार को भी बड़ी राहत दी. उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में नरेंद्र मोदी सरकार को क्लीन चिट देते हुए कहा कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवाई योग्य नहीं हैं. न्यायालय ने अपने 14 दिसंबर 2018 के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया.
  5. दरअसल, कोर्ट ने 14 दिसंबर के फैसले में कहा था कि 36 राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदने में निर्णय निर्धारण की प्रक्रिया पर संदेह करने की कोई बात नहीं है. उच्चतम न्यायालय ने इस दलील को खारिज कर दिया कि इस सौदे के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने की आवश्यकता है. 
  6. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘हमने पाया कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवायी योग्य नहीं हैं.' पीठ में न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ भी शामिल थे.
  7. आज SC ने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना मामला बंद करते हुये उन्हें भविष्य में अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी. राहुल पर अवमानना का यह मामला राफेल लड़ाकू विमान सौदा प्रकरण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष की कथित टिप्पणी ‘चौकीदार चोर है' को गलत तरीके से शीर्ष अदालत के हवाले से कहे जाने से संबंधित था.
  8. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा की गयी टिप्पणियां सच्चाई से कोसों दूर थीं, उन्हें इससे बचना चाहिए था और वह अधिक सावधानी बरत सकते थे.
  9. पीठ ने राहुल गांधी द्वारा दाखिल हलफनामे में बिना शर्त क्षमा याचना किए जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘राजनीतिक परिदृश्य में गांधी का एक महत्वपूर्ण स्थान है और राजनीतिक बहस में किसी भी अदालत को नहीं घसीटा जाना चाहिए, चाहे वह उचित हो या अनुचित.'
  10. पीठ ने कहा, ‘गांधी द्वारा दाखिल हलफनामे के मद्देनजर, हम उनके खिलाफ शुरू की गयी अवमानना कार्यवाही बंद करते हैं.' राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में इस तरह की टिप्पणियों को लेकर भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने शीर्ष अदालत में उनके खिलाफ अवमानना याचिका दायर की थी.
     
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