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This Article is From Jan 22, 2021

जेल में बंद केरल का जर्नलिस्‍ट सिद्दीक वीडियो कॉल के जरिये बीमार मां से कर सकेगा बात, SC ने दी मंजूरी

सिद्दीक को हाथरस (यूपी) जाते समय गिरफ्तार किया गया था, जहां एक दलित युवती के साथ कथित गैंगरेप हुआ था और बाद में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई थी.

जेल में बंद केरल का जर्नलिस्‍ट सिद्दीक वीडियो कॉल के जरिये बीमार मां से कर सकेगा बात, SC ने दी मंजूरी
सिद्दीक कप्‍पन हाथरस (यूपी) जाते समय गिरफ्तार किया गया था (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा है कि वह केरल के जर्नलिस्‍ट (Kerala Journalist) सिद्दीक कप्‍पन को जेल से वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के जरिये अपनी बीमार मां (Ailing mother) से बातचीत करने की इजाजत देगा. गौरतलब है कि सिद्दीक (Siddique Kappan) को पिछले साल अक्‍टूबर को दिल्‍ली से यूपी के हाथरस (Hathras case) में दलित महिला के साथ कथित गैंगरेप की रिपोर्टिंग के लिए यात्रा के दौरान अरेस्‍ट किया गया था.सुप्रीम कोर्ट ने केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्‍ट्स (KUWJ) की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही. एसोसिएशन की ओर से वरिष्‍ठ वकील कपिल सिब्‍बल ने तर्क दिया कि सिद्दीक की मां बीमार हैं और बेर्ट से बात करना चाहती है. सिब्‍बल ने कहा कि इस तरह की बातचीत की इजाजत नहीं होती लेकिन अदालत के इसे अपवाद के तौर पर लेना चाहिए.  

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गौरतलब है कि सिद्दीक को हाथरस (यूपी) जाते समय गिरफ्तार किया गया था, जहां एक दलित युवती के साथ कथित गैंगरेप हुआ था और बाद में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने सिद्दीक की गिरफ्तारी पर प्रश्न उठाने वाली ‘केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट'(केयूडब्ल्यूजे) की याचिका को सुनवाई के लिए अन्य विविध मामलों के लिए निर्धारित दिन के वास्ते निर्धारित किया है. प्रधान न्यायाधीश (CJI) एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच ने KUWJ की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की इन दलीलों का संज्ञान लिया कि कप्पन की मां अस्‍वस्‍थ हैं और अपने बेटे को देखना चाहती हैं. उन्‍होंने कहा ,‘‘कृपया उन्हें (कप्पन की मां को) वीडियो कॉन्फ्रेंस के विकल्प की मंजूरी दीजिए, ताकि वह जीते जी अपने बेटे को देख सकें. हमने एक आवेदन दिया है. हमें अनुमति दीजिए.''

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वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई सुनवाई के दौरान सिब्बल की दलीलों पर बेंच ने कहा,‘‘ हम अनुमति देंगे.''बेंच में न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम भी शामिल हैं.राज्य सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने बेंच से कहा कि मामला उन पर और अधिकारियों पर छोड़ दिया जाए और वे वीडियो कॉन्फ्रेंस कराने की मंजूरी देने की संभावनाओं पर गौर करेंगे.इससे पहले, यूपी सरकार ने सिद्दीक की जमानत याचिका का यह कहते हुए विरोध किया था कि वह ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया' (पीएफआई) से ‘‘ताल्लुक'' रखते हैं, जो सार्वजनिक शांति को भंग करने के लिए जिम्मेदार है.(भाषा से भी इनुपट)

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