
शरद पवार (फाइल फोटो)
मुंबई:
शिवसेना की तुलना ‘सत्ता के गुड़ से चिपकी हुई चीटियों’से करने के लिए शरद पवार पर तीखा हमला करते हुए सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी ने राकांपा को ‘खून चूसने वाली जोंक’ बताते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार का हिस्सा बनने के लिए भाजपा से हाथ मिलाने को वह बेकरार है।
शिवसेना ने कहा, जोंक
शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में तीखा हमला करते हुए कहा है, 'दूसरों को चींटी कहने से पहले बेहतर होगा कि पवार आत्मनिरीक्षण करें। राकांपा जोंक की तरह महाराष्ट्र का खून चूसने के लिए कुख्यात है। समूचे राज्य का खून चूसने के बाद भी इन जोंकों का पेट नहीं भरेगा।'
पवार ने बताया था चींटी
पवार ने हाल में कहा था कि सत्ता गुड़ की डली की तरह है और भाजपा और शिवसेना चींटियों की तरह इसकी तरफ खींची चली आयी हैं तथा अधिक से अधिक इसका रस चूसना चाहती हैं।
शिवसेना का हमला
पवार के कटाक्ष कि शिवसेना सत्ता की भूखी है और उसमें सरकार छोड़ने का ‘साहस’ नहीं है, शिवसेना ने कहा कि मराठा नेता को पहले यह जवाब देना चाहिए कि सहयोगी की तरफ से बार-बार अपमानित किए जाने के बावजूद 10 साल तक राकांपा कांग्रेस के साथ सत्ता के लिए क्यों चिपकी रही।
पवार सत्ता में आने को बेताब
संपादकीय में कहा गया है, आप (कांग्रेस अध्यक्ष) को विदेशी कहते हैं, लेकिन उनके साथ 10 साल से इतालवी पिज्जा खा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने राकांपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। (महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री) पृथ्वीराज चव्हाण ने बार-बार राकांपा को अपमानित किया, लेकिन राकांपा का सत्ता से चिपके रहना और कुछ नहीं एक चमत्कार था। शिवसेना ने दावा किया कि पवार सत्ता में आने के लिए मौके की ताक में हैं।
इसमें कहा गया है, सच है कि पवार शिवसेना-भाजपा गठबंधन टूटने के बाद सरकार में सत्ता में आने का इंतजार कर रहे हैं। शिवसेना ने कहा है, पिछले साल (महाराष्ट्र) विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित होते ही भाजपा की ‘डली’ पर चढ़कर गुड़ खाने की कोशिश इन चींटों ने भी की थी।
शिवसेना ने कहा, जोंक
शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में तीखा हमला करते हुए कहा है, 'दूसरों को चींटी कहने से पहले बेहतर होगा कि पवार आत्मनिरीक्षण करें। राकांपा जोंक की तरह महाराष्ट्र का खून चूसने के लिए कुख्यात है। समूचे राज्य का खून चूसने के बाद भी इन जोंकों का पेट नहीं भरेगा।'
पवार ने बताया था चींटी
पवार ने हाल में कहा था कि सत्ता गुड़ की डली की तरह है और भाजपा और शिवसेना चींटियों की तरह इसकी तरफ खींची चली आयी हैं तथा अधिक से अधिक इसका रस चूसना चाहती हैं।
शिवसेना का हमला
पवार के कटाक्ष कि शिवसेना सत्ता की भूखी है और उसमें सरकार छोड़ने का ‘साहस’ नहीं है, शिवसेना ने कहा कि मराठा नेता को पहले यह जवाब देना चाहिए कि सहयोगी की तरफ से बार-बार अपमानित किए जाने के बावजूद 10 साल तक राकांपा कांग्रेस के साथ सत्ता के लिए क्यों चिपकी रही।
पवार सत्ता में आने को बेताब
संपादकीय में कहा गया है, आप (कांग्रेस अध्यक्ष) को विदेशी कहते हैं, लेकिन उनके साथ 10 साल से इतालवी पिज्जा खा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने राकांपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। (महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री) पृथ्वीराज चव्हाण ने बार-बार राकांपा को अपमानित किया, लेकिन राकांपा का सत्ता से चिपके रहना और कुछ नहीं एक चमत्कार था। शिवसेना ने दावा किया कि पवार सत्ता में आने के लिए मौके की ताक में हैं।
इसमें कहा गया है, सच है कि पवार शिवसेना-भाजपा गठबंधन टूटने के बाद सरकार में सत्ता में आने का इंतजार कर रहे हैं। शिवसेना ने कहा है, पिछले साल (महाराष्ट्र) विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित होते ही भाजपा की ‘डली’ पर चढ़कर गुड़ खाने की कोशिश इन चींटों ने भी की थी।
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