
मदर टेरेसा के बारे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी का बचाव करते हुए शिवसेना ने कहा है कि उन्होंने 'कड़वा सत्य' कहा है।
शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में एक संपादकीय में कहा गया है, "भारत आने वाली मिशनरियों का मकसद यहां लोगों को ईसाई बनाना रहा है।" इसमें कहा गया है, "मुसलमानों ने तलवार के साथ धर्म परिवर्तन कराया...ईसाइयों ने यह पैसे और सेवा के नाम पर किया।" शिवसेना ने कहा, "भागवत ने मिशनरियों के बारे में सच बोलकर देश की सेवा की है।"
संपादकीय में कहा गया है, "मदर टेरेसा ने जो कार्य किया, हम उसका सम्मान करते हैं। कई सामाजिक शख्सियतों ने इस तरह की सेवा की है। हालांकि, उन्होंने धर्म परिवर्तन नहीं कराया।"
शिवसेना ने विश्व हिन्दू परिषद के हिंदू धर्म में लोगों के 'पुनर्धर्मांतरण' कार्यक्रम का हवाला देते हुए कहा है, "आरएसएस प्रमुख ने जो कहा है, उससे घर वापसी अभियान को बढ़ावा मिलेगा। हम उन्हें बधाई देते हैं।" मदर टेरेसा की गरीबों की सेवा के पीछे ईसाई बनाने के उद्देश्य वाली भागवत की टिप्पणी पर ईसाई संस्थानों और गैर बीजेपी दलों ने उनकी तीखी आलोचना की है।
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