
मुम्बई:
खुद को राजस्व मंत्री का पीए बताकर 30 करोड़ की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार गजानन पाटिल का कहना है कि उसने तो मज़ाक किया था। जांच एजेंसी एसीबी ने कोर्ट को ये जानकारी दी। एजेंसी के मुताबिक आरोपी गजानन पाटिल जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। वो सिर्फ इतना ही कहता है कि उसने तो मज़ाक किया था। गजानन पाटिल के वकील श्याम केशवानी का कहना है कि भला मजाक के लिये भी किसी को पकड़ा जाता है।
मामला क्या था?
गजानन पाटिल को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 13 मई को मंत्रालय के पास से गिरफ्तार किया था । तीन दिन की पुलिस हिरासत के बाद अदालत ने पाटिल को न्यायिक हिरासत भेज दिया है। जबकि एसीबी उससे पूछताछ के लिए और वक्त चाह रही थी। गजानन पाटिल पर आरोप है कि उसने खुद को राज्य के महसुल मंत्री एकनाथ खडसे का पीए बताकर ठाणे की 37 एकड़ ज़मीन के एलॉटमेंट के लिए 30 करोड़ की रिश्वत मांगी थी। एसीबी का कहना है कि शिक्षण संस्था इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर एक्सलेंस के ट्रस्टी रमेश जाधव की शिकायत पर पहले जाँच पड़ताल करने के बाद करवाई की गई है। पाटिल ने काम कराने के एवज में पहले एक फ्लैट और एक करोड़ रुपये की मांग की थी। उसके बाद 15 करोड़ और फिर 30 करोड़ की मांग की। शिकायत के मुताबिक गजानन पाटिल ने ट्रस्टी से कहा था कि जमीन नाम पर करवाने के लिये पहले 30 करोड़ रुपये जमा करो फिर मंत्री जी के साथ मीटिंग करवाता हूँ।
विपक्ष ने मंत्री एकनाथ खडसे को घेरना शुरू किया
अब गजानन के पाटिल की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष ने मंत्री एकनाथ खडसे को भी घेरना शुरू कर दिया है। मंत्री एकनाथ खडसे ने आरोप को भले ही निराधार बताया है लेकिन गजानन पाटिल को जानने से इंकार नहीं किया है। उनका कहना है कि मैं गजानन पाटिल को मैं जानता हूँ । उसके कार्यक्रम में शरीक हुआ हूँ। वो सीधा और साधारण आदमी है। उसे तो 1 करोड़ में कितने शून्य है यह भी पता नहीं।
मामला क्या था?
गजानन पाटिल को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 13 मई को मंत्रालय के पास से गिरफ्तार किया था । तीन दिन की पुलिस हिरासत के बाद अदालत ने पाटिल को न्यायिक हिरासत भेज दिया है। जबकि एसीबी उससे पूछताछ के लिए और वक्त चाह रही थी। गजानन पाटिल पर आरोप है कि उसने खुद को राज्य के महसुल मंत्री एकनाथ खडसे का पीए बताकर ठाणे की 37 एकड़ ज़मीन के एलॉटमेंट के लिए 30 करोड़ की रिश्वत मांगी थी। एसीबी का कहना है कि शिक्षण संस्था इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर एक्सलेंस के ट्रस्टी रमेश जाधव की शिकायत पर पहले जाँच पड़ताल करने के बाद करवाई की गई है। पाटिल ने काम कराने के एवज में पहले एक फ्लैट और एक करोड़ रुपये की मांग की थी। उसके बाद 15 करोड़ और फिर 30 करोड़ की मांग की। शिकायत के मुताबिक गजानन पाटिल ने ट्रस्टी से कहा था कि जमीन नाम पर करवाने के लिये पहले 30 करोड़ रुपये जमा करो फिर मंत्री जी के साथ मीटिंग करवाता हूँ।
विपक्ष ने मंत्री एकनाथ खडसे को घेरना शुरू किया
अब गजानन के पाटिल की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष ने मंत्री एकनाथ खडसे को भी घेरना शुरू कर दिया है। मंत्री एकनाथ खडसे ने आरोप को भले ही निराधार बताया है लेकिन गजानन पाटिल को जानने से इंकार नहीं किया है। उनका कहना है कि मैं गजानन पाटिल को मैं जानता हूँ । उसके कार्यक्रम में शरीक हुआ हूँ। वो सीधा और साधारण आदमी है। उसे तो 1 करोड़ में कितने शून्य है यह भी पता नहीं।
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