
सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो
नई दिल्ली:
SC/ST कानून को लेकर कल तक जहां कांग्रेस बीजेपी का विरोध कर रही थी वहीं अब खुद बीजेपी के नेता भी इस कानून को लेकर खुश नहीं दिख रहे हैं. यही वजह है कि बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन डाले. इस कानून को कानून को हल्का बनाए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज़ बीजेपी के दलित और आदिवासी समुदाय के सांसदों ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, वित्त मंत्री अरूण जेटली और सामाजिक कल्याण मंत्री थावरचंद गहलोत से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि वह इस कानून को लेकर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट जाएं.
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बीजेपी के एस टी मोर्चा के अध्यक्ष अरविंद नेताम ने एनडीटीवी से कहा कि हमने सरकार से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ वह रिव्यू पिटीशन दायर करे. वहीं बीजेपी के सहयोगी दल भी सरकार पर इसे लेकर दबाव बढ़ा रहे हैं. रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले गुट) के नेता रामदास अठावले ने एनडीटीवी से कहा कि अमित शाह ने बताया कि कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद कोर्ट के फैसले की समीक्षा कर रहे हैं.
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सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही नहीं है. सरकार को इस मामले में रिव्यू पिटीशन दायर करना चाहिए. इन सब के बीच विपक्ष इस मामले में सीधे प्रधानमंत्री को घेर रहा है. कांग्रेस के नेता पी एल पुनिया ने पीएम मोदी और थानरचंद गहलोत की चुप्पी पर सवाल उठाया और मांग की कि पीएम इस मामले में सरकार का रूख जल्दी साफ करें.
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उधर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि कोर्ट की फैसले की समीक्षा के बाद सरकार आगे फैसला करेगी.
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बीजेपी के एस टी मोर्चा के अध्यक्ष अरविंद नेताम ने एनडीटीवी से कहा कि हमने सरकार से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ वह रिव्यू पिटीशन दायर करे. वहीं बीजेपी के सहयोगी दल भी सरकार पर इसे लेकर दबाव बढ़ा रहे हैं. रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले गुट) के नेता रामदास अठावले ने एनडीटीवी से कहा कि अमित शाह ने बताया कि कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद कोर्ट के फैसले की समीक्षा कर रहे हैं.
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उधर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि कोर्ट की फैसले की समीक्षा के बाद सरकार आगे फैसला करेगी.