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This Article is From Dec 09, 2015

बच्चों की तस्करी रोकने के लिए संगठित अपराध जांच एजेंसी बनाए सरकार : सुप्रीम कोर्ट

बच्चों की तस्करी रोकने के लिए संगठित अपराध जांच एजेंसी बनाए सरकार : सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली: यौन शोषण के लिए लड़कियों की अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी पर अंकुश लगाने के इरादे से उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार से कहा कि देश में मानव तस्करी की घटनाओं की जांच के लिए 1 दिसंबर, 2016 तक संगठित अपराध जांच एजेंसी का गठन किया जाए।

न्यायमूर्ति एआर दवे की अध्यक्षता वाली पीठ ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से भी कहा कि व्यावसायिक और यौन शोषण के लिए तस्करी के शिकार पीड़ितों के बचाव, पुनर्वास और इसकी रोकथाम जैसे विषयों पर विस्तृत कानून बनाने के लिए विचार-विमर्श की प्रक्रिया छह महीने के भीतर पूरी की जाए। इस मंत्रालय ने 16 नवंबर को अपने सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इससे पहले मानव तस्करी के बारे में विस्तृत कानून की हिमायत करते हुए कहा था कि इस दिशा में परामर्श और दूसरी प्रारंभिक प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। गृह मंत्रालय ने भी मानव तस्करी के मामलों की जांच के लिए संगठित अपराध जांच एजेंसी गठित करने की इच्छा व्यक्त की थी, क्योंकि ये अंतरराज्यीय अपराध है।

पीठ ने इसके साथ ही 2004 में दायर जनहित याचिका का निबटारा करते हुए गृह मंत्रालय को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अगले साल 1 दिसंबर तक संगठित अपराध जांच एजेंसी गठित हो जाए।

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