तीसरी लहर के लिए तैयार रहे तो कम होंगी मौतें, बच्चों का हो वैक्सीनेशन: SBI ने चेताया

Corona Third Wave : SBI ने कहा है 'बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और वैक्सीनेशन के चलते अगर गंभीर मामले 20 फीसदी से 5 फीसदी पर आ जाते हैं तो तीसरी लहर में मौतों की संख्या वर्तमान की मौतों की संख्या 1.7 लाख की तुलना में घटकर 40,000 पर आ सकती है.'

तीसरी लहर के लिए तैयार रहे तो कम होंगी मौतें, बच्चों का हो वैक्सीनेशन: SBI ने चेताया

Covid-19 Third wave : SBI ने बच्चों में वैक्सीनेशन पर जोर दिया है.

नई दिल्ली:

देश की प्रमुख सरकारी बैंकिंग संस्था स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में कोरोनावायरस की तीसरी लहर (coronavirus third wave) को लेकर चेतावनी दी है. बैंक ने अपनी ताजा 'Ecowrap' रिपोर्ट में कहा है कि अगर दूसरे देशों के उदाहरण से देखें तो भारत में भी कोविड-19 की तीसरी लहर दूसरी लहर जितनी ही खतरनाक रह सकती है. बैंक ने इस रिपोर्ट में तीसरी लहर में 12-18 आयुवर्ग के बच्चों को ज्यादा खतरे में लग रहा समूह बताते हुए इस वर्ग के बच्चों में वैक्सीनेशन को प्राथमिकता देने की बात भी कही.

एसबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर भारत तीसरी लहर के लिए तैयार रहता है तो गंभीर मामलों की संख्या कम होगी, जिससे मौतों की दर भी कम होगी. रिपोर्ट में कहा गया है, 'हमने देखा है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और आक्रामक तेजी से हुए वैक्सीनेशन के चलते अगर गंभीर मामले 20 फीसदी से 5 फीसदी पर आ जाते हैं तो तीसरी लहर में मौतों की संख्या वर्तमान की मौतों की संख्या 1.7 लाख की तुलना में घटकर 40,000 पर आ सकती है.'

रिपोर्ट में कहा गया है कि वैक्सीनेशन को सबसे ऊपर प्राथमिकता दी जानी चाहिए, खासकर बच्चों में जिनपर अगली लहर में ज्यादा खतरा है. एसबीआई ने कहा है कि '12-18 आयुवर्ग में 15-17 करोड़ बच्चे हैं. इनके लिए सरकार को विकसित देशों के तर्ज पर वैक्सीन खरीदने की रणनीति और एडवांस करनी पड़ेगी.' 

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जीडीपी ग्रोथ का अनुमान भी घटाया


एसबीआई ने वित्तवर्ष 2022 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के अपने अनुमान को भी 10.4 से घटाकर 7.9 फीसदी कर दिया है. बैंक का कहना है कि वो जुलाई के मध्य से हर रोज एक करोड़ वैक्सीनेशन के सरकार के अनुमान के चलते अपना अपने प्रोजेक्शन के ऊपर जाने की आशा करता है. एसबीआई के विश्लेषण में कहा गया है कि इस बार अर्थव्यवस्था पर बेढ़ंगे तरीके से असर पड़ सकता है. मांग बढ़ने के बावजूद ऐसा नहीं लगता कि 2022 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में कोई फर्क पड़ेगा. 

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ओवरऑल कंजम्पशन ग्रोथ जिन सेक्टरों पर निर्भर करता है और जिनकी रिकवरी जरूरी है, वो है- ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग से जुड़ी सेवाएं. इनसे कम से कम 25 करोड़ परिवारों का घर चलता है. पिछले चार महीनों में कोरोना के मामलों में तेजी को दूसरी लहर कहा गया. इस दौरान मेडिकल सुविधाओं और मेडिकल ऑक्सीजन की कमी ने मौतों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि कर दी.