राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार पर छाया संकट छंटता नजर आ रहा है
Rajasthan Political Crisis: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot)अपने खिलाफ बागी तेवर अपनाने वाले सचिन पायलट (Sachin Pilot) की कांग्रेस के साथ सुलह और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के साथ उनकी मीटिंग के बाद 'घरवापसी' से नाखुश माने जा रहे हैं. सीएम ने आज इस सवाल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी कि वे उसके साथ वापस काम कैसे करेंगे जिसे उन्होंने 'निकम्मा' करार दिया था. गहलोत ने कहा कि उन विधायकों की शिकायतों को सुनना उनकी जिम्मेदारी है जो उनसे नाराज हैं. बागियों के साथ सुलह के बारे में पूछे सवाल पर सीएम ने कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व इन विधायकों को माफ कर दिया है तो वे इन विधायकों को गले से लगाएंगे.
'डील' वाले ऑडियो टेप का हिस्सा बताए गए बागी MLA ने अब कहा, 'मैं गहलोत के साथ हूं'
जिन सचिन पायलट को गहलोत ने राज्य के उप मुख्यमंत्री पद से बेदखल किया था, वे आज राजस्थान लौटे. सीएम के खिलाफ बगावती तेवर अख्तियार करने के करीब एक माह बाद वे राज्य में वापस लौटे हैं. उनकी वापसी की शर्तों में से एक यह है कि एक पैनल उनकी और बागी 19 विधायकों की शिकायतों को सुनेगा. पैनल में प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हैं. गहलोत ने कहा, 'यदि कोई एमएलए मुझसे नाराज है तो उसकी शिकायतों को सुनना मेरी जिम्मेदारी है. मैं ऐसा पहले भी करता रहा हूं और अभी भी यही करूंगा.' हालांकि उन्होंने यह सवाल जरूर किया कि बागी क्यों गए थे और उनसे क्या 'वादे' किए गए हैं?
सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, जो पार्टी हाईकमान द्वारा की गई नपी-तुली आलोचना के विपरीत, बेदखल किए गए अपने डिप्टी सचिन पायलट के खिलाफ जमकर बरसे थे, सुलह की प्रक्रिया से पूरी तरह सहमत नहीं थे. गौरतलब है कि पिछले माह गहलोत ने सार्वजनिक रूप से उनकी सरकार को गिराने के लिए बीजेपी के साथ डील करने में मामले में कोसा था. उन्होंने 42 साल के इस नेता को निकम्मा तक करार दिया था. गहलोत ने पायलट को ऐसा नेता बताया था जो केवल अपने लुक और अच्छी अंग्रेजी से मीडिया को प्रभावित करता है.
अशोक गहलोत बोले, सत्र की तारीख आते ही हार्स ट्रेडिंग शुरू
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं