
नई दिल्ली:
वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी का राष्ट्रपति बनने की ओर एक कदम और बढ़ा है। सूत्रों के अनुसार तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी प्रणब दा को यूपीए की ओर से राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाने पर सहमत हो गई हैं।
कहा जा रहा है कि वह किसी बंगाली को इस पद पर देखकर खुश होंगी। दूसरी ओर, प्रणब मुखर्जी ने अपना काबुल दौरा रद्द कर दिया है। इससे राष्ट्रपति पद के चुनावों में प्रणब की दावेदारी पर कयासों का दौर तेज़ हो गया है। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर प्रणब के नाम पर धीरे−धीरे यूपीए में भी आम राय दिख रही है।
राष्ट्रपति चुनाव पर सोनिया गांधी के बुलावे पर चर्चा के लिए ममता बनर्जी मंगलवार की रात दिल्ली पहुंची। एयरपोर्ट से ममता बनर्जी सीधे सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह से मिलने उनके घर पहुंची। दोनों के बीच मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर बात हुई है लेकिन इस मामले पर अभी बुधवार को भी वह मुलायम सिंह यादव से मिलेंगी।
राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब की दावेदारी को एक अखबार ने और पुख्ता किया है। अखबार के मुताबिक प्रणब मुखर्जी ने 14 तारीख से शुरू होने वाली अपनी अफगानिस्तान यात्रा को रद्द कर दिया है। अखबार ने लिखा है कि सोनिया गांधी अगले 15 तारीख तक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर अपना अंतिम फैसला सुना सकती हैं। 16 तारीख से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ब्राजील और मैक्सिको के दौरे पर हैं। और पीएम के विदेश रवाना होने से पहले राष्ट्रपति पद के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी।
अब तृणमूल ने उनकी उम्मीदवारी को हरी झंडी दिखाई है। लगता है दीदी ममता और दादा प्रणब मुखर्जी के बीच नाराज़गी और दूरियां कम होने लगी हैं पश्चिम बंगाल को विशेष पैकेज की मांग के बावज़ूद ममता बनर्जी अब प्रणब मुखर्जी के रायसीना हिल पहुंचने के रास्ते में रुकावट बनते नहीं दिखना चाहतीं।
बीएसपी को भी उनके नाम पर कोई ऐतराज़ नहीं लगता है। साथ ही डीएमके और समाजवादी पार्टी भी प्रणब मुखर्जी के साथ दिखाई देती है।
प्रणब मुखर्जी के नाम पर खुद कांग्रेस ने अभी मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री 16 जून को विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इलाज के लिए जाने वाली हैं। जब तक कि कोई और नाम पर फैसला ना हो कम से कम तब तक प्रणब मुखर्जी को यूपीए का सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा सकता है।
कहा जा रहा है कि वह किसी बंगाली को इस पद पर देखकर खुश होंगी। दूसरी ओर, प्रणब मुखर्जी ने अपना काबुल दौरा रद्द कर दिया है। इससे राष्ट्रपति पद के चुनावों में प्रणब की दावेदारी पर कयासों का दौर तेज़ हो गया है। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर प्रणब के नाम पर धीरे−धीरे यूपीए में भी आम राय दिख रही है।
राष्ट्रपति चुनाव पर सोनिया गांधी के बुलावे पर चर्चा के लिए ममता बनर्जी मंगलवार की रात दिल्ली पहुंची। एयरपोर्ट से ममता बनर्जी सीधे सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह से मिलने उनके घर पहुंची। दोनों के बीच मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर बात हुई है लेकिन इस मामले पर अभी बुधवार को भी वह मुलायम सिंह यादव से मिलेंगी।
राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब की दावेदारी को एक अखबार ने और पुख्ता किया है। अखबार के मुताबिक प्रणब मुखर्जी ने 14 तारीख से शुरू होने वाली अपनी अफगानिस्तान यात्रा को रद्द कर दिया है। अखबार ने लिखा है कि सोनिया गांधी अगले 15 तारीख तक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर अपना अंतिम फैसला सुना सकती हैं। 16 तारीख से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ब्राजील और मैक्सिको के दौरे पर हैं। और पीएम के विदेश रवाना होने से पहले राष्ट्रपति पद के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी।
अब तृणमूल ने उनकी उम्मीदवारी को हरी झंडी दिखाई है। लगता है दीदी ममता और दादा प्रणब मुखर्जी के बीच नाराज़गी और दूरियां कम होने लगी हैं पश्चिम बंगाल को विशेष पैकेज की मांग के बावज़ूद ममता बनर्जी अब प्रणब मुखर्जी के रायसीना हिल पहुंचने के रास्ते में रुकावट बनते नहीं दिखना चाहतीं।
बीएसपी को भी उनके नाम पर कोई ऐतराज़ नहीं लगता है। साथ ही डीएमके और समाजवादी पार्टी भी प्रणब मुखर्जी के साथ दिखाई देती है।
प्रणब मुखर्जी के नाम पर खुद कांग्रेस ने अभी मुहर नहीं लगाई है। प्रधानमंत्री 16 जून को विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इलाज के लिए जाने वाली हैं। जब तक कि कोई और नाम पर फैसला ना हो कम से कम तब तक प्रणब मुखर्जी को यूपीए का सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा सकता है।
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