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This Article is From Jan 26, 2018

... जब आतंकियों से लोहा लेने वाले कमांडो को सम्मानित करने के बाद आंखें पोंछते नजर आए राष्ट्रपति कोविंद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज वायुसेना के गरूड़ कमांडो कार्पोरल ज्योति प्रकाश निराला को देश में शांतिकाल का सर्वोच्च सैन्य सम्मान अशोक चक्र, मरणोपरांत देने के बाद भावुक हो गये.

... जब आतंकियों से लोहा लेने वाले कमांडो को सम्मानित करने के बाद आंखें पोंछते नजर आए राष्ट्रपति कोविंद
सम्मानित करते राष्ट्रपति कोविंद
नई दिल्ली: देश भर में गणतंत्र दिवस की धूम है, मगर इन सबके बीच जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद वायुसेना के गरूड़ कमांडो ज्योति प्रकाश को मरणोपरांत सम्मानित कर रहे थे, तब एक और दिलों को छू लेने वाला अद्बभुत नजारा देखने को मिला. दरअसल, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज वायुसेना के गरूड़ कमांडो कार्पोरल ज्योति प्रकाश निराला को देश में शांतिकाल का सर्वोच्च सैन्य सम्मान अशोक चक्र, मरणोपरांत देने के बाद भावुक हो गये.

कार्पोरल निराला ने जम्मू कश्मीर के बांदीपोरा में दो आतंकवादियों को धराशाई करने के बाद अपने प्राणों को बलिदान कर दिया था. कार्पोरल निराला की पत्नी सुषमानंद एवं उनकी मां मालती देवी को गणतंत्र दिवस परेड में पुरस्कार देने के बाद राष्ट्रपति को रूमाल से अपना चेहरा एवं आंखें पोंछते नजर आये. कार्पोरल निराला भारतीय वायु सेना के गरूड़ विशेष बल इकाई के अंग थे.

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इसका एक हिस्सा रक्षक आपरेशन के दौरान राष्ट्रीय राइफल्स की बटालियन से जुड़ा था. पिछले साल 18 नवंबर को बांदीपोरा के चंदरगेर गांव में घात लगाकर किये गये हमले में कार्पोरल निराला गोलियों से घायल हो गये. किंतु घायल होने के बावजूद उन्होंने जवाब में गोलीबारी की. बाद में उनकी गोलियों के घाव के कारण जान चली गई.

बता दें कि ज्योति प्रकाश निराला बिहार के रोहतास जिले के रहने वाले थे, उन्होंने 2005 में भारतीय वायुसेना ज्वाइन की थी. 

VIDEO: गणतंत्र दिवस परेड देख गर्व से भर गए दिल (इनपुट भाषा से)

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