
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने आज पटाखे मुक्त रावण के पुतला दहन के साथ अपने निवास पर दशहरा मनाया. आम आदमी पार्टी (आप) के नेता ने लोगों से पटाखों के इस्तेमाल से बचने की अपील भी की क्योंकि इस बार हम नोवल कोरोना वायरस महामारी के बीच त्योहार मना रहे हैं.
"दशहरे पर सभी को मेरी शुभकामनाएं. आज हम बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाते हैं. प्रदूषण और कोविड आज की सबसे बड़ी 'बुराइयां (रावण)' हैं. मैं सभी से अपील करता हूं कि आप सभी एक प्रदूषण मुक्त दशहरा और दिवाली मनाने की शपथ लें और हमें इन बुराइयों से एक साथ लड़ने की जरूरत है, ”
Delhi Deputy CM Manish Sisodia @msisodia celebrates Dussehra at his residence with a firecracker-free Ravana effigy
— Sukirti Dwivedi (@SukirtiDwivedi) October 25, 2020
And appeals to Delhiites "Celebrate a pollution free Dussehra. Covid and pollution are the biggest evils of today"
Picture credits- @Pooja7arya for @ndtv pic.twitter.com/uTidJDJaT3
डिप्टी सीएम सिसोदिया के निवास पर हुआ कार्यक्रम लव कुश रामलीला समिति द्वारा आयोजित किया गया था, जो कि लाल किले में रामलीला के लिए प्रसिद्ध है जिसमें प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति शामिल होते हैं.
लव कुश रामलीला कमेटी के प्रमुख अर्जुन कुमार ने कहा, “प्रदूषण का स्तर बहुत अधिक है. हम एक ऐसा पुतला लेकर आए, जिसमें कोई पटाखे नहीं हैं. सिर्फ लाल किले की रामलीला ही नहीं है जो इस साल नहीं हो रही है, वैसे भी इस बार त्योहार बहुत सीमित दायरे में मनाया जा रहा है. कोविड और प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए शहर भर में 1 या 2 रामलीलाएं हो रही हैं वहीं भी रावण के पुतले नहीं जलाए जाएंगे. ”
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राष्ट्रीय राजधानी में शहर में बढ़ते प्रदूषण के स्तर के बीच कोरोनोवायरस की संख्या में अचानक वृद्धि देखी गई है. कई लोगों ने बताया है कि दिल्ली ने शनिवार को 35 दिनों में अपने उच्चतम एक दिवसीय स्पाइक को दर्ज किया. ऐसा शहर-राज्य में हवा की गुणवत्ता के बिगड़ने के कारण हो सकता है.
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता के स्तर को नियंत्रित करने के लिए कई अभियान चलाए हैं, जो कि पिछले महीने से काफी कम हो गया है. अरविंद केजरीवाल सरकार ने अपनी सरकार द्वारा उठाए जा रहे सभी प्रदूषण-विरोधी उपायों की निगरानी के लिए एक "वॉर रूम" भी बनाया है.
सिसोदिया की पार्टी AAP ने केंद्र सरकार पर इस मुद्दे पर "निष्क्रियता" का आरोप लगाया है, दिल्ली की सत्ता पर काबिज आप का दावा है कि वायु प्रदूषण पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा में फसल जलने के कारण है.
आम आदमी पार्टी (आप) नेता ने हाल ही में कहा था. "प्रदूषण और ठूंठ जलाना सिर्फ दिल्ली से संबंधित मुद्दे नहीं हैं बल्कि यह पूरे उत्तर भारत को प्रभावित करता है. यह खेद की बात है कि केंद्र सरकार ने साल के दौरान कोई कार्रवाई नहीं की और अब, पूरा देश इसके लिए भुगतान करेगा."
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