
नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को कहा कि सरकार कोयला ब्लॉक आंवटन घोटाले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच में हस्तक्षेप के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की गई केंद्र सरकार की अलोचना का अध्ययन कर रही है और इस पर 'उचित कदम' उठाएगी।
प्रधानमंत्री ने संसद भवन में संवाददाताओं से कहा, "हम सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी का अध्ययन कर रहे हैं और इस पर उचित निर्णय लेंगे।"
संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, "मैं टिप्पणी से अच्छी तरह वाकिफ नहीं हूं। यदि सर्वोच्च न्यायालय ने विपरीत टिप्पणी की है तो निश्चित रूप से वह प्रसन्नता कारक नहीं ही होंगी।" कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री वी. नारायणसामी जिनके तहत सीबीआई आती है ने कहा, "एक मंत्री के रूम में मैंने सीबीआई के आंतरिक मामलों में कभी भी हस्तक्षेप नहीं किया और हमारी सरकार ऐसा करती भी नहीं है।" उन्होंने जोर देकर कहा, "सीबीआई की जांच प्रक्रिया पूरी तरह जांच एजेंसी के अधीन है और हमारी सरकार उसमें कभी हस्तक्षेप नहीं करती।"
सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को सीबीआई की ओर से पिछले सप्ताह दायर उस हलफनामे को बेहद निराश करने वाला बताया, जिसमें जांच एजेंसी ने अपनी आठ मार्च की प्रगति रिपोर्ट केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी से साझा करने की बात कही थी।
न्यायालय ने अदालत को अंधेरे में रखने के लिए जांच एजेंसी की आलोचना की। सीबीआई को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त करने पर जोर देते हुए न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सीबीआई निदेशक को जांच रिपोर्ट में हस्तक्षेप पर नया हलफनामा दायर करने का भी निर्देश दिया और कहा कि यह 'पूर्ण तथा सत्य' होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने संसद भवन में संवाददाताओं से कहा, "हम सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी का अध्ययन कर रहे हैं और इस पर उचित निर्णय लेंगे।"
संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, "मैं टिप्पणी से अच्छी तरह वाकिफ नहीं हूं। यदि सर्वोच्च न्यायालय ने विपरीत टिप्पणी की है तो निश्चित रूप से वह प्रसन्नता कारक नहीं ही होंगी।" कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री वी. नारायणसामी जिनके तहत सीबीआई आती है ने कहा, "एक मंत्री के रूम में मैंने सीबीआई के आंतरिक मामलों में कभी भी हस्तक्षेप नहीं किया और हमारी सरकार ऐसा करती भी नहीं है।" उन्होंने जोर देकर कहा, "सीबीआई की जांच प्रक्रिया पूरी तरह जांच एजेंसी के अधीन है और हमारी सरकार उसमें कभी हस्तक्षेप नहीं करती।"
सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को सीबीआई की ओर से पिछले सप्ताह दायर उस हलफनामे को बेहद निराश करने वाला बताया, जिसमें जांच एजेंसी ने अपनी आठ मार्च की प्रगति रिपोर्ट केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी से साझा करने की बात कही थी।
न्यायालय ने अदालत को अंधेरे में रखने के लिए जांच एजेंसी की आलोचना की। सीबीआई को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त करने पर जोर देते हुए न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सीबीआई निदेशक को जांच रिपोर्ट में हस्तक्षेप पर नया हलफनामा दायर करने का भी निर्देश दिया और कहा कि यह 'पूर्ण तथा सत्य' होना चाहिए।
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