विज्ञापन
This Article is From Jan 02, 2020

प्रशांत किशोर की बयानबाजी के बीच नीतीश कुमार और सुशील मोदी की ये तस्वीरें सब कुछ बोल रही हैं

नव वर्ष के उपलक्ष्य में शुभकामना देने के लिए मुख्यमंत्री के निवास पर यों तो हर राज्य के राजधानी में नेताओं, अधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रहती है. लेकिन बिहार की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री आवास का एक फ़ोटो राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है.

प्रशांत किशोर की बयानबाजी के बीच नीतीश कुमार और सुशील मोदी की ये तस्वीरें सब कुछ बोल रही हैं
मुख्यमंत्री आवास का एक फ़ोटो राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है.
  • तस्वीरों ने दिया संदेश
  • गठबंधन में सब ठीक है
  • तस्वीरें बनीं चर्चा का केंद्र
पटना:

नव वर्ष के उपलक्ष्य में शुभकामना देने के लिए मुख्यमंत्री के निवास पर यों तो हर राज्य के राजधानी में नेताओं, अधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रहती है. लेकिन बिहार की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री आवास का एक फ़ोटो राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है. जिसमें मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार अपने उप मुख्य मंत्री सुशील मोदी से गर्मजोशी से मिल रहे हैं. राजनीतिक गलियारे में सब लोग अपने अपने तरीक़े से इस फ़ोटो का अर्थ निकाल रहे हैं. लेकिन इस फ़ोटो की गर्माहट इस साल के विधानसभा चुनाव के एक सच को फिर से दोहराती है कि नीतीश बीजेपी के साथ ही मिलकर चुनाव लड़ेंगे. ये बात खुद सुशील मोदी हों या राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी कई बार दोहरा चुके हैं कि नीतीश के ही नेतृत्व में चुनाव मैदान में जाएंगे. यहां तक कि नीतीश की आलोचना कर अपनी राजनीति चमकाने वाले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कुछ दिन पहले ही माना कि बिहार में एनडीए के सर्वेसर्वा नीतीश कुमार और सुशील मोदी हैं और किसी की कोई राजनीतिक हासियत नहीं हैं.  

co3mh8jo

नीतीश के लिए सबसे सुखद बात इस गर्मजोशी से मिलने के पीछे ये भी रही कि जब प्रशांत किशोर ने अधिक सीट पर हिस्सेदारी की बात उठायी तो किसी ने भी इस मांग का समर्थन नहीं किया बल्कि सबने प्रशांत किशोर के खिलाफ ही अपना विरोध जताया. नीतीश को भी मालूम हैं कि प्रशांत किशोर का नाम सुनते ही ना केवल बीजेपी बल्कि उनकी पार्टी के नेताओं जैसे आरसीपी सिंह के चेहरे पर तनाव आ जाता है. इसलिए सीटों पर समझौता हो जाने के बाद नीतीश जब भी अपने पार्टी के राष्ट्रीय कमेटी का गठन करेंगे तो उसमें शायद पीके यानी अब जगह नहीं देंगे. 

8gab9iro

अपने सहयोगी बीजेपी के साथ कोई दरार ना हो इसलिए माना जाता हैं कि नीतीश ने झारखंड में नयी सरकर बनने के बाद हेमंत सोरेन को बधाई तक नहीं दी. हालांकि झारखंड में भ्रष्टाचार के आरोपियों को जिस तरह से दूसरे दलों से लाकर टिकट दिया है उससे उनकी तेजस्वी यादव या लालू यादव के ख़िलाफ़ ये मुद्दा कमजोर ही हुआ है.  
 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Bihar News, Nitish Kumar, Sushil Modi, Patna, New Year 2020
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com