पेगासस मामला : BJP के सभी मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष आरोपों का जवाब देने को संभालेंगे मोर्चा

BJP बताएगी कि Pegasus फोन हैकिंग को सरकार को बदनाम करने की साज़िश है. योगी आदित्यनाथ, शिवराज सिंह चौहान, देवेंद्र फडणवीस इस मुद्दे पर प्रेस कान्फ्रेंस कर भी रहे हैं.

पेगासस मामला : BJP के सभी मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष आरोपों का जवाब देने को संभालेंगे मोर्चा

Pegasus scandal : BJP संसदीय दल की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी कड़े तेवर जाहिर कर दिए हैं

नई दिल्ली:

पेगासस जासूसी स्कैंडल (Pegasus SPY Scandal) में बीजेपी ने विपक्ष के हमलों के जवाब में आक्रामक रुख अपनाने का संकेत दिया है. संसद के मानसून सत्र के दौरान पार्टी की संसदीय दल की बैठक (BJP Parliamentary Party Meeting) में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने भी कड़े तेवर जाहिर कर दिए हैं. बीजेपी ने यह तय किया है कि पार्टी के सभी मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष अपने अपने राज्यों में प्रेस कान्फ्रेंस कर विपक्ष के आरोपों का जवाब देंगे. योगी आदित्यनाथ, शिवराज सिंह चौहान, देवेंद्र फडणवीस इस मुद्दे पर प्रेस कान्फ्रेंस कर भी रहे हैं. पेगासस फोन हैकिंग को सरकार को बदनाम करने की साज़िश के तौर पर बताया जाएगा. 

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इससे पहले प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने बीजेपी संसदीय दल की बैठक में सांसदों को संबोधित किया था. पीएम ने संकेत दिया था कि पार्टी इस मुद्दे बर बचाव की मुद्रा में आने की बजाय आक्रामक तेवर अपनाएगी. पीएम ने कहा, कांग्रेस हमें पचा नहीं पा रही है. कांग्रेस का रवैया अफसोसनाक और ग़ैरज़िम्मेदाराना है. पीएम मोदी ने यह बात बीजेपी संसदीय दल की बैठक में कही.

गौरतलब है कि संसद के मॉनसून सत्र (Monsoon Session) के दौरान लगातार दूसरे दिन हंगामा देखने को मिला है. इसी के बीच प्रधानमंत्री की ओर से यह टिप्पणी आई है. पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस नकारात्मक वातावरण बनाती है. तृणमूल कांग्रेस, लेफ्ट, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत अन्य दल पेगासस जासूसी कांड को लेकर लगातार संसद में नारेबाजी कर सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं.


तृणमूल ने इस मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति गठित करने की मांग रखी है. वहीं आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच की मांग उठाई है. उधर, आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव राज्यसभा में भी मंगलवार को इस मुद्दे पर बयान देकर सरकार का रुख स्पष्ट कर सकते हैं. लोकसभा में दिए बयान में वैष्णव ने साफ तौर पर कहा था कि सरकार की ओर से कोई अनाधिकृत इंटरसेप्शन नहीं हुआ है. उन्होंने मॉनसून सत्र के ठीक एक दिन पहले ऐसी रिपोर्ट आने को लेकर भी सवाल उठाए. 

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